चंडीगढ़ मेयर चुनाव की तिथि को लेकर घमासान जारी है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई भी जारी है।
इस बीच आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षद पिछले करीब 14 दिन से शहर से बाहर हैं। उनके मोबाइल बंद हैं। वार्ड के लोग अपने पार्षदों को ढूंढ रहे हैं। लोहड़ी, मकर संक्रांति और अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रमों में वार्ड के लोगों को पार्षद का इंतजार रहा। सभी पार्षद भी इस भागदौड़ से खुश नहीं है।
10 जनवरी को मेयर चुनाव के लिए तिथियों की घोषणा हुई थी और 18 जनवरी को चुनाव कराने का फैसला हुआ था। पार्षद लखबीर सिंह बिल्लू ने पाला बदल लिया तो अन्य पार्षदों को जोड़ तोड़ से बचाने के लिए चुनाव की घोषणा के अगले ही दिन आम आदमी अपने सभी पार्षदों को शहर से बाहर रोपड़ के एक रिजॉर्ट ले गई। कुछ दिन बाद कांग्रेस भी अपने पार्षदों को पहले रोपड़ ले गई और अब पंजाब के विभिन्न स्थानों की यात्रा पर हैं। सभी पार्षदों के मोबाइल बंद हैं। पार्षदों को अपने कार्यकर्ताओं-रिश्तेदारों से बातचीत भी बड़ी मुश्किल से और निगरानी में हो रही है।
16 जनवरी को नगर निगम में हुए हंगामे के बाद स्थिति खराब हुई है। पिछले दो हफ्ते से हो रही इस भागदौड़ से सभी पार्षद खुश नहीं हैं लेकिन उनके पास कोई चारा भी नहीं है। नाखुशी के कई कारण हैं। कई पार्षदों के अपने व्यवसाय है, जिससे वो दूर हैं। किसी पार्षद को किसी पारिवारिक कार्यक्रम में जाना था तो कोई अपने वार्ड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि था लेकिन पिछले कई दिनों से बाहर होने की वजह से वह उसमें शामिल नहीं हो पाए।
पार्षद के बिना कार्यकर्ताओं ने मनाया जन्मदिन
आप के पार्षद जसबीर लाडी का रविवार को जन्मदिन था। सोशल मीडिया पर काफी लोगों ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से ही बधाई स्वीकार की और भाजपा को शहर से उखाड़ फेंकने की बात कही। उनकी गैर उपस्थिति में उनके समर्थक व पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके परिवार के सदस्यों के साथ केक काटा और जन्मदिन मनाया।
इसके अलावा सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सभी वार्डों में दर्जनों कार्यक्रम हुए लेकिन कोई पार्षद नहीं पहुंच सका। घर-परिवार से दूर होने की वजह से कुछ पार्षद अंदर खाते नाराज भी हैं। वार्ड के लोगों में भी असंतोष बढ़ता जा रहा है। इसलिए पार्षदों की नजर बुधवार को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई पर है। सभी चाहते हैं कि जल्द मेयर चुनाव खत्म हो और सभी पहले की तरह लौट सकें।