राजपुरा के सुंदर नगर के रहने वाले त्रिलोक राज यूक्रेन में फंसे हैं। अभिभावकों ने भारत सरकार से कहा कि उन्हें पैसों की जरूरत नहीं है सिर्फ अपना बच्चा सही सलामत चाहिए। त्रिलोक राज तीन साल पहले रोजी-रोटी कमाने कॉन्ट्रैक्ट बेस पर यूक्रेन गए थे। राजपुरा की सुंदर नगर कॉलोनी के रहने वाले 28 साल के त्रिलोक के पिता तिलक राज ने केंद्र सरकार से बेटे को सकुशल भारत लाने की अपील की है, क्योंकि उनकी आर्थिक हालत ठीक नहीं है।
बेटे त्रिलोक को भी यहां कोई रोजगार नहीं मिला तो वह यूक्रेन चला गया। इसके बाद अचानक उनका (तिलक राज) एक्सीडेंट हो गया। इसमें उनके दोनों पैर टूट गए। अब वह पूरी तरह चलने-फिरने में असमर्थ हैं और अपना इलाज करवाने के बाद उनके पास अब पैसा नहीं बचा है। इस कारण वह बेटे के पास पैसे नहीं भेज पा रहे हैं।
उन्हें यूक्रेन से वतन लौटने को कहा जा रहा है लेकिन बिना पैसे यह संभव नहीं है, क्योंकि जो 30 हजार रुपये का टिकट था, वह एक से डेढ़ लाख में मिल रहा है। हालात ये हैं कि टिकट का बंदोबस्त होने के बाद भी वह वापस नहीं आ सकता, क्योंकि यूक्रेन के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं।
त्रिलोक की मां राधा रानी ने बताया कि रूस-यूक्रेन की जंग में फंसे बेटे से बात भी नहीं हो पा रही है। उन्हें काफी डर लग रहा है। परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहां के हालात की खबर आने पर सुबह से किसी ने पानी तक नहीं पीया। बिना पैसों के उनका बेटा न तो यूक्रेन में रह सकता है और न ही वतन लौट सकता है। हमें पैसों की जरूरत नहीं, बस बेटा आना चाहिए। केंद्र सरकार हमारी मदद करे।