हीया कांसल व जिला इंडस्ट्री चैंबर के अध्यक्ष घनशाम कांसल।
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यूक्रेन में सैकड़ों भारतीय छात्र डर के माहौल में फंसे हैं। वहां के मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में गुरुवार को धमाकों की आवाजें साफ सुनाई दे रहीं हैं। इससे छात्र बेहद खौफजदा हैं और खुद की सुरक्षा की दुआ मांग रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के छात्रों की यह दास्तां यूक्रेन से ही 22 जनवरी को लौटीं पंजाब के सुनाम की हीया कांसल ने दी।
वह यूक्रेन में एमबीबीएस कर रही हैं। हीया ने बताया कि पीएम मोदी समेत दुनिया के सभी देश, छात्रों की इस पीड़ा को समझें और तुरंत मदद करें। रूसी हमले के बीच यूक्रेन में हजारों भारतीय छात्र फंस हैं। पीड़ित छात्र किसी भी तरह भारत लौटना चाहते हैं। हीया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है कि फंसे सभी भारतीय और अन्य देशों के छात्रों को सकुशल निकाला जाए। इसके लिए पीएम मोदी अन्य देशों की मदद लें और तुरंत सभी छात्रों को वहां से बाहर निकालें।
हीया ने बताया कि गुरुवार को उसकी अपने सहपाठियों से फोन पर बात हुई है। वहां छात्रों का बुरा हाल है और सभी जल्द भारत लौटना चाहते हैं। यूक्रेन में बढ़ते तनाव को देखते हुए दो दिन पहले ही हीया का परिवार तीन गुना अधिक दाम पर महंगी टिकट हासिल कर बेटी को सुनाम लाने में सफल रहा है।
हीया ने कहा कि छात्रों के अभिभावक अपने बच्चों को लेकर काफी चिंतित हैं। हीया कांसल जिला इंडस्ट्री चैंबर के अध्यक्ष घनशाम कांसल की भतीजी हैं। हीया कांसल ने बताया कि वह यूक्रेन के शहर डेरीटिरोवक्स में एमबीबीएस कर रही हैं। 30 जनवरी को ही वह सुनाम से यूक्रेन गईं थीं और 31 जनवरी को वहां पहुंची थीं।
वह अपने भाई की शादी में आई थीं। वहां उनकी कक्षाएं ऑनलाइन चल रही हैं। हीया के पिता संजय कांसल और ताया व जिला इंडस्ट्री चैंबर के अध्यक्ष घनशाम कांसल ने कहा कि मानवाधिकार को देखते हुए भारत सरकार अन्य देशों से संपर्क कर छात्रों की जिंदगी को बचाने में अहम भूमिका निभाए। वहां रहने वाले लोगों को निकालने के लिए विशेष उड़ानों का प्रबंध करें। अगर यूक्रेन में स्थिति सामान्य नहीं होती है तो मोदी सरकार इन छात्रों को मेडिकल शिक्षा भारत में पूरी करवाने के उचित प्रबंध करे।