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बाजुओं में हो दम और फिटनेस में न हो कम, तो ऐसे बनें वेट लिफ्टिंग चैंपियन, बड़े काम आएंगे टिप्स

Mon, 03 Jun 2019 01:34 PM IST
खुशबू गोयल संजीव पंगोत्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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वेटलिफ्टिंग - फोटो : twitter
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बाजुओं की ताकत और फिटनेस के सहारे आप वेट लिफ्टिंग में चैंपियन बन सकते हैं। ट्राइसिटी में ऐसे कई खिलाड़ी है, जिन्होंने देश में ही नही विदेशों में भी अपनी काबलियत को परखा है। अगर आप युवा हैं तो वेट लिफ्टिंग को अपने करियर की तरह चुन सकते हैं। सिटी ब्यूटीफल में इस खेल के लिए बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर है। सेक्टर- 42 स्थित स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में बेहतरीन वेट लिफ्टिंग का सेंटर है जोइस शहर का एकमात्र सेंटर हैं।
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सेंटर में कोच करनवीर सिंह बुटर खिलाड़ियों को नेशनल और इंटरनेशनल स्तर का खिलाड़ी बनाने में लगे हुए हैं। इन के पास रोजाना कई युवा, रोजाना घंटों अभ्यास में जुटे हुए दिखाई देते हैं। इनमें युवा सीखने के लिए, कई टूर्नामेंट की तैयारियों के लिए तो कई अपने को फिट रखने के लिए वेट लिफ्टिंग के खेल का सहारा लेते हैं। इस सेंटर पर अभ्यास के लिए 30 से अधिक खिलाड़ी रोजाना पहुंचते हैं।  वहीं गर्मियों की छुट्टियों में यहां पर अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों की संख्या काफी अधिक हो जाती हैं।

वेट लिफ्टिंग की खासियत
वेट लिफ्टिंग का खेल इंडोर में खेला जाता है। इसके लिए बेहतरीन उपकरण होना जरूरी है। सेक्टर-42 स्थित स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में बेहतरीन वेट लिफ्टिंग का सेंटर बना हुआ है। यह इंडोर है और यहां पर  इंडियन वेट लिफ्टिंग फेडरेशन (आईडब्ल्यू) से मान्यता प्राप्त  उपकरण है। यहां पर दो तरह के प्लेटफार्म हैं। इनमें रेनफोर्समेंट प्लेटफार्म को कंपीटीशन में इस्तेमाल किया जाता है और पोर्टटेबल प्लेटफार्म को अभ्यास के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
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ऐसे मिलती है एडमिशन, यह है फीस

कोच कोच करनवीर सिंह बुटर ने बताया कि इनकेयहां पर 13 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को इस खेल में लिया जाता हैं। इन बच्चों में पहले प्रतिभा देखी जाती है। इसके लिए कुछ दिनों तक उन्हें शॉट स्पिंट्र कराई जाती है। इसकेबाद पुशअप कराए जाते हैं। जो बच्चा इनमें बेहतर परिणाम लाता है उसें सेंटर में एडमिशन दी जाती है। इस सेंटर में पूरे साल की 300 रुपये फीस रखी गई हैं।

यह उभरे है सितारें
इस सेंट सेंटर की पूर्व खिलाड़ी कोमलप्रीत कौर हैं जो कि इस सेंटर से प्रशिक्षण पाकर आज वेट लिफ्टिंग और हेल्थ एंड फिटनेस का कोच परीक्षा पास कर ली है और वह अब कोच बनने की तैयारी में हैं। वहीं इस सेंटर में अभ्यास करने वालों में विरजीत कौर हैं जो जूनियर नेशनल में शहर को पहला मेडल दिलाने वाली एकमात्र महिला खिलाड़ी हैं। इनके साथ युवा गुरकरण सिंह, गौरव, योगेश, वंशिता, गुरकरन सिंह, अमनदीप, हरिंदर प्रीत, परमवीर भी मेडलिस्ट खिलाड़ी हैं। वहीं यहां पर मास्टर्स गेम्स के मेडलिस्ट गुरजीत सिंह भी अभ्यास करते हैं।

 
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गुरकरण सिंह : सब जूनियर में मेडलिस्ट
चितकारा स्कूल में 10वीं के छात्र हैं। पिछले दो साल से इस सेंटर में अभ्यास करते आ रहे हैं। सबजूनियर में मेडलिस्ट है और स्कूल गेम्स भी बेहतरीन  प्रदर्शन करते आ रहे हैं।

राकेश : स्कूल नेशनल गेम्स में सिल्वर
सरकारी स्कूल बुड़ैल में 12 के छात्र हैं और इस सेंटर पर पिछले एक साल से अभ्यास कर रहे हैं। स्कूल नेशनल गेम्स में सिल्वर मेडलिस्ट के साथ सब जूनियर स्टेट में भी प्रथा स्थान हासिल कर चुके हैं।

वीरजीत कौर : खेलों इंडिया में पदक
एमसीएम डीएवी कॉलेज सेक्टर -36 में बीए की छात्रा हैं। हाल ही में खेलों इंडिया में मेडल जीत कर लाई हैं।  इसकेसाथ ही जूनियर नेशनल में शहर को पहला मेडल दिलाने वाली एकमात्र महिला खिलाड़ी भी हैं।
 
मानसिक रूप से मजबूती जरूरी
इस खेल में आने वाले खिलाड़ी को मानसिक रूप से मजबूत होना चाहिए। अपने को फिट रखना होगा जिससे उन्हें वेट उठाने में कोई दिक्कत न हो।
- करनवीर सिंह बुटर, कोच
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