याची ने कहा कि ऐसा करना सीधे तौर पर अवैध है और टेंडर की शर्त के खिलाफ है। इस बारे में उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन और अन्य अधिकारियों को शिकायत भी दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर दो वकीलों को लोकल कमिश्नर नियुक्त करते हुए इस संबंध में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था।
दोनों वकीलों की रिपोर्ट देखने के बाद हाईकोर्ट ने अब कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि अभी भी ठेकेदार मंडी की एंट्री पर पार्किंग फीस वसूल रहा है तो उस पर और मार्केट कमेटी के अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की जाए। फिलहाल मंडी कमेटी व अन्य किसी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
दो दिन पहले हुई था वेंडरों से झगड़ा: दो दिन पहले पार्किंग ठेकेदार का वेंडरों से झगड़ा हो गया था। मामले में पार्किंग ठेकेदार ने सेक्टर 26 थाना पुलिस को नामजद लिखित शिकायत दी थी। वहीं इससे पहले भी मंडी में कई बार बवाल हो चुका है।