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कांग्रेस की रार: तीन मंत्रियों ने कैबिनेट बैठक से बनाई दूरी, चन्नी के रुख में नरमी, सिद्धू की रोस्टर व्यवस्था भी धराशयी

Fri, 27 Aug 2021 01:19 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हाल ही में कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाने की मांग करने वाले पंजाब के चार में से तीन मंत्रियों ने गुरुवार को कैबिनेट बैठक में हिस्सा नहीं लिया। लेकिन मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी के रुख में नरमी आई है। गुरुवार को उन्होंने कैबिनेट बैठक में हिस्सा लिया और कैप्टन सरकार के फैसलों की सराहना भी की। 
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तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखजिंदर सिंह रंधावा और सुख सरकारिया। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पद से हटाने की सार्वजनिक तौर पर मांग करने वाले चार मंत्रियों में से तीन मंत्रियों- तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखजिंदर सिंह रंधावा और सुख सरकारिया के तेवर में कोई बदलाव नहीं आया है, हालांकि एक मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी का रुख गुरुवार को कुछ नरम दिखाई दिया।

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उन्होंने मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गुरुवार को बुलाई पंजाब कैबिनेट की वर्चुअल बैठक में न केवल हिस्सा लिया बल्कि कैप्टन सरकार द्वारा एससी-एसटी कर्जदारों की कर्जमाफी और किसानों-खेत मजदूरों की कर्ज माफी के फैसलों की सराहना भी की।

चरनजीत चन्नी इस समय उक्त तीनों मंत्रियों के साथ पार्टी हाईकमान से मिलने दिल्ली में ही डेरा डाले हैं। वहीं से उन्होंने कैबिनेट की बैठक में हिस्सा लिया जबकि बाकी तीनों मंत्री इस बैठक से दूर रहे। खास बात यह भी है कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू के कहने पर मुख्यमंत्री द्वारा पंजाब कांग्रेस भवन में ड्यूटी के लिए मंत्रियों का जो रोस्टर तैयार किया था, उसके अनुसार गुरुवार को तृप्त बाजवा को सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में बैठकर पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों की समस्याएं सुननी थीं लेकिन वे कांग्रेस भवन पहुंचने के बजाय दिल्ली पहुंच गए, जहां बाकी तीनों मंत्रियों के साथ वे हाईकमान से कैप्टन की शिकायत करेंगे।
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इस बीच दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, चारों मंत्रियों को पार्टी अध्यक्ष से मिलने का अभी समय नहीं मिल सका है। फिर भी, चारों मंत्रियों के सामने नई समस्या यह है कि हाईकमान बीते 24 घंटे के दौरान ही कैप्टन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त कर चुका है और हरीश रावत भी हाईकमान की इच्छा के अनुसार एलान कर चुके हैं कि अगले पंजाब विधानसभा चुनाव कैप्टन की अगुवाई में ही लड़े जाएंगे।

रावत ने गुरुवार को विरोधी खेमे के नेता और प्रदेश प्रधान नवजोत सिद्धू को भी आड़े हाथों लेते हुए सलाहकारों को तुरंत हटाने का फरमान सुना चुके हैं। इस तरह हाईकमान नवजोत सिद्धू से भी नाराज चल रहा है और विरोधी खेमे से टूटकर विधायक लगातार कैप्टन समर्थक खेमे में लौट रहे हैं। वहीं, चरनजीत चन्नी के रुख में नरमी ने बाकी उक्त तीनों मंत्रियों की चिंता ही बढ़ाई है।

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