पंजाब कृषि विभाग के निदेशक ने बताया कि सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान और मध्य प्रदेश में टिड्डी दल के हमले की सूचना मिलते ही पंजाब सरकार अलर्ट हो गई थी और कृषि विभाग ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयारी कर ली है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में किसानों को टिड्डी दल की गतिविधियों में नजर रखते हुए किसी भी हमले की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को देने को कहा गया है।
उन्होंने बताया कि सभी जिला कृषि अधिकारियों को अपने-अपने इलाके में टिड्डी दल की हमले की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कीटनाशक तैयार रखने को कहा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि कृषि विभाग ने इस आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार कर ली है और किसानों की फसलों को हर हाल में टिड्डियों के हमले से बचाया जाएगा। सभी अधिकारियों को अपने-अपने इलाकों में बारीकी से नजर रखने को कहा गया है और पाकिस्तान व राजस्थान सीमा से सटे जिलों में अधिकारियों को सर्वे के लिए भेजा गया है।
पाकिस्तान से रातों-रात भारत में प्रवेश करने वाला टिड्डी दल लगातार आगे बढ़ रहा है। यह कपास की फसल के लिए बेहद ही नुकसानदायक हो सकता है। सरकार ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है। इसके बाद जिला कृषि विभाग ने भी इस हमले से निपटने के पूरे प्रबंध कर लिए गए हैं।
जिला कृषि अधिकारी मंजीत सिंह ने बताया कि पहले कई बार टिड्डी दल ने सीमावर्ती क्षेत्र में हमला किया है लेकिन पहले से ही तैयार कर्मचारियों व अधिकारियों ने उसे पूरी तरह से नाकाम कर दिया। उन्होंने बताया कि विभाग के पास इस समय करीब 2700 लीटर कीटनाशक दवा उपलब्ध है, जिसमें 2000 लीटर क्लोरोपैरीफास तथा 700 लीटर लेमिडा शामिल है।
विभाग के पास आठ बड़े स्प्रे पंप पूरी तरह से तैयार हैं, जबकि पूरे जिले में 919 बड़े किसानों को अपने स्प्रे पंप तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। सहकारी समितियों, बागवानी विभाग और दमकल विभाग को भी अपने-अपने वाटर टैंक भरने के निर्देश दिए गए हैं। गांवों में धार्मिक स्थानों से मुनादी करवाई गई है।
उन्होंने किसानों से अपील की है कि अगर क्षेत्र में कहीं भी टिड्डी दल दिखाई देता है तो वे पीपे व थालियां बजाकर उन्हें भगाने का प्रयास न करें। इससे वे काफी दूर-दूर तक पेड़ों पर फैल जाते हैं और विभाग को उन तक पहुंचने में समस्या आती है। किसान सुबह-शाम खेतों की पूरी चौकसी रखें और पानी की टकियां तथा स्प्रे पंप पूरी तरह से तैयार रखें।
विभाग के पास टिड्डी दल का सफाया करने के लिए सभी इंतजाम हैं लेकिन इसके लिए किसानों के सहयोग की जरूरत होगी। जिला उपायुक्त ने भी संबंधित विभागों की बैठक की। बिजली विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी समय पानी की जरूरत पड़ने पर उन्हें ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुचारू करनी होगी।
कृषि विभाग की टीमें वित्त विभाग, पुलिस, बीएसएफ, सहित अन्य संबंधित विभागों से तालमेल बनाकर रखेंगी। ताकि जरूरत पड़ने पर टिड्डी दल प्रभावित क्षेत्रों में कीटनाशक का छिड़काव करवाया जा सके। वहीं जिला मुख्यालय और तहसील स्तर पर कंट्रोल रूप स्थापित किए गए हैं।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में उत्पात मचाने के बाद टिड्डी दल के पंजाब की ओर बढ़ने की सूचना है। इसको लेकर कपूरथला जिला प्रशासन मुस्तैद हो गया है। डीसी दीप्ति उप्पल ने टिड्डी दल के हमले को निष्क्रिय करने को लेकर विभिन्न विभागों के प्रमुखों के साथ बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों के बीच काम का बंटवारा कर तालमेल से काम करने के निर्देश दिए गए।
डीसी ने कहा कि इस बारे में किसानों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाए और पंचायतों से तालमेल कर रोजाना सर्वे किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए है कि सभी विभाग अपने-अपने नोडल अधिकारी नियुक्त कर इस बाबत मुख्य कृषि अधिकारी को सूचित करें। उन्होंने जिला स्तरीय व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सभी विभागों के अधिकारियों व नोडल अधिकारियों को इसमें शामिल करने की भी हिदायत दी। कृषि व अन्य विभागों को स्प्रे पंपों को तैयार रखने और जल स्त्रोतों की पहचान कर प्लान तैयार करने के दिशा-निर्देश भी जारी किए गए।
मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. नाजर सिंह ने बताया कि यह रेगिस्तानी टिड्डी दल है। इस साल वातावरण अनुकूल होने के कारण यह कीड़ा महामारी का रूप धारण कर चुका है, जो रेगिस्तानी इलाके ईरान और पाकिस्तान के रास्ते राजस्थान, मध्य प्रदेश और साथ लगते सूबों में दाखिल हो चुका है। यह कीड़ा फसलों, वृक्षों और हरी घास को खाता है और झुंड में हमला कर नुकसान पहुंचाता है।
उन्होंने बताया कि दिन के समय यह हवा में उड़ता है और रात को वृक्षों पर झुंड बनाकर बैठता है। दिन के समय पर ऊंची आवाज के साथ इस कीड़े को अपनी, फसलों और घरों से उड़ाया जा सकता है और रात में कृषि माहिरों की देखरेख में कीटनाशक स्प्रे करके इसे खत्म किया जा सकता है।
टिड्डी दल के संभावित हमले को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों में पहले से चार टीमें तैनात कर दी हैं। यह जानकारी डीसी अरविंद पाल सिंह संधू ने दी। इसके अलावा हुसैनीवाला बार्डर व ब्लाक ममदोट के गांवों में भी खेतीबाड़ी विभाग के कर्मचारी टिड्डियों पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
डीसी संधू ने बताया कि राजस्थान की तरफ से टिड्डी दल आने की सूचना मिलने पर खेतीबाड़ी विभाग ने श्रीगंगानगर से सटे गांवों में चार टीम तैनात कर दी हैं। टीमों ने स्प्रे पंप और पानी का प्रबंध कर रखा है। टिड्डी दल का समूह हनुमानगढ़ और संघरियां के बीच गांवों में है।
मुख्य कृषि अधिकारी मनजीत सिंह ने बताया कि जिला स्तर पर टिड्डी दल के संभावित हमले के लिए ब्लाक स्तर पर 4 टीमें तैनात हैं। विभाग के पास अपेक्षित मात्रा में कीटनाशक और स्प्रे मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि बार्डर के गांवों के सरपंचों और पंचायत सचिवों को भी सूचित कर दिया गया है।
लुधियाना स्थित पीएयू (पंजाब कृषि विश्वविद्यालय) के कीट विज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ. प्रदीप कुमार सनेजा ने बताया कि यह टिड्डी दल 1993 के बाद इस बार काफी बड़ी मात्रा में निकला है। इससे पहले यह 2010 में आया था लेकिन छोटी तादात थी। डॉ. सतेजा ने बताया कि बार्डर एरिया में काफी सावधानियां रखनी होंगी।
इसके लिए पंजाब कृषि विश्वविद्यालय मीडिया, सोशल मीडिया के जरिए किसानों को जागरूक कर रहा है। सरकार की तरफ से 18 तारीख को एक्शन प्लान जारी कर दिया गया है। डीसी को बतौर नोडल अफसर तैनात किया गया है। सरकार की तरफ से एडवाइजरी भी जारी की जा रही है।
यह टिड्डी दल काफी एरिया कवर कर रहा है। इस बार 29 मिलियन स्कवायर किलोमीटर का दायरा कवर कर रहा है। टिड्डी का जितना भार है उतनी मात्रा में अपनी खुराक खा रहा है और नुकसान कर रहा है। इससे बचने के लिए किसानों को पूरी तरह से तैयार रहना होगा।
बठिंडा के जिला कृषि अधिकारी बहादर सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन एवं खेतीबाड़ी विभाग ने फसलों को टिड्डी दल ने बचाने को पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। स्टाफ के साथ बैठक की गई है और तैयारियों का जायजा भी लिया है।
फसल का निरीक्षण करते रहें किसान
बठिंडा में किसानों के पास 14 से ज्यादा गन स्प्रे पंप मौजूद हैं। इसके अलावा फायर ब्रिगेड़ की नौ गाड़ियां और यूपीएल कंपनी के पंप मौजूद हैं। बीती रात टिड्डी दल हनुमानगढ़ के गांव गोलूवाला के समीप था जो गुरुवार को संगरिया के गांव किक्कर वाला तक पहुंच चुका है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वह टिड्डी दल से बिल्कुल न घबराएं बल्कि समय-समय पर अपनी फसल का निरीक्षण करते रहें।
किसी भी समय हो सकता है टिड्डी दल का हमला
बठिंडा के जिला कृषि अधिकारी ने किसानों ने कहा कि अगर उन्हें टिड्डी दल कहीं पर भी दिखाई दे तो तुरंत विभाग से संपर्क कर इसकी सूचना दें। उन्होंने आगे कहा कि टिड्डी दल किसी भी समय फसलों पर हमला कर सकता है। ऐसे में किसान लगातार अपने खेत का निरीक्षण करें।