चंडीगढ़ के ठेकों पर अनावंटित ठेकों का बेसिक कोटा थोपने को ठेका मालिकों ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। ठेका मालिकों के अनुसार शहर की आबादी 12 लाख है और अतिरिक्त कोटा 64 लाख बोतलों का है। ऐसे में आखिरी तीन माह में ठेका मालिकों को प्रति व्यक्ति 6 अतिरिक्त बोतलें जुर्माने से बचने के लिए बेचनी होंगी।
6 बे फूड कंपनी ने एडवोकेट शिखर सरीन के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि 2023-24 की एक्साइज नीति के तहत केवल 77 ठेकों की बोली हो सकी थी और बाकी 18 अनावंटित रह गए थे। इन 18 ठेकों का बेसिक कोटा आखिरी तीन माह में 77 आवंटित ठेकों पर थोप दिया गया है।
याची ने बताया कि शहर में हर व्यक्ति शराब नहीं पीता, जो शराब पीते हैं उनके पास भी बार, रेस्टोरेंट आदि में पीने का विकल्प होता है। कुछ लोग कैंटीन से तो कुछ गिफ्ट में शराब मिलने पर पीते हैं। बार, रेस्टोरेंट में शराब ठेकों से नहीं जाती है और पंजाब की एक्साइज पॉलिसी के कारण चंडीगढ़ के ठेका मालिकों को जबरदस्त कंपीटीशन मिल रहा है। शराब का बेसिक कोटा खत्म न होने पर ठेके पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। ऐसे में प्रशासन 18 ठेकों का बेसिक कोटा याचिकाकर्ताओं पर थोप रहा है जिससे शराब निर्माताओं और प्रशासन को तो फायदा है लेकिन ठेका मालिकों को इसका नुकसान है। कोर्ट से अपील की गई कि एक्साइज विभाग के इस आदेश पर रोक लगाई जाए ताकि ठेका मालिकों को नुकसान से बचाया जा सके।