चंडीगढ़। शहर के क्रिकेट खिलाड़ी पहले पंजाब और हरियाणा के रहमोकरम पर थे। यहां के खिलाड़ियाें को अपना वजूद नहीं था। बीसीसीआई से मान्यता मिलने के बाद अब शहर के खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित हाथाें में है। यह कहना है बीसीसीआई की प्रमुख चयनकर्ता समिति के चेयरमैन चेतन शर्मा। वे बुधवार को चंडीगढ़ में थे। उन्होंने यूटी क्रिकेट एसोसिशन (यूटीसीए) की महिला टीम की डोमेस्टिक टूर्नामेंट जीतने वाली रॉक जोन की काश्वी गौतम की कप्तानी वाली टीम को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। यह सम्मान समारोह सेक्टर- 16 स्थित क्रिकेट स्टेडियम में किया गया। इस दौरान यूटीसीए के प्रधान संजय टंडन भी मौजूद रहे।
इस मौके पर चेतन शर्मा ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि उनका क्रिकेट कॅरिअर सेक्टर- 16 क्रिकेट स्टेडियम से ही शुरू हुआ था। इस शहर ने उन्हें जो दिया उसे भुला नहीं सकते। उन्होंने, कपिल देव और अन्य क्रिकेट खिलाड़ियाें ने जब क्रिकेट खेलना सीखा तो शहर को बीसीसीआई की ओर से मान्यता नही थी। इसके चलते यहां के क्रिकेटरों को पंजाब और हरियाणा के सहारे ही रहना पड़ा था। चेतन ने कहा कि वह खुद हरियाणा से खेले।
शहर की पुरुष और महिला टीमें का बेहतर प्रदर्शन देख सीना चौड़ा हो जाता है
महिला खिलाड़ियाें से बातचीत करते हुए चेतन शर्मा ने कहा कि आप बेहद लक्की हैं। बीसीसीआई की ओर से मान्यता मिलने से शहर की अब अपनी क्रिकेट टीमें बनी हैं। अब बेहतर कोचिंग मिलने के साथ-साथ अन्य सुविधाएं भी दी जा रही हैं। अब आपके पास अपना कॅरिअर बनाने का सुनहरा अवसर हैं। मान्यता मिलने के बाद शहर की पुरुष और महिला टीमें हर फॉरमेट में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। यह देखकर सीना चौड़ा हो जाता है।
टंडन बोले- मैदानों की आ रही कमी, प्रशासन उपलब्ध कराए मैदान
इस मौके पर संजय टंडन ने कहा कि यूटीसीए को मैदानों की कमी आ रही है। इसके लिए प्रशासन से भी गुहार लगा रहे हैं कि उन्हें मैदान उपलब्ध कराए जाएं। मैदान नहीं हो के कारण महिलाओं का टी-20 टूर्नामेंट लांडरा स्थित अकादमी में करवाना पड़ रहा है। वहीं ऑल इंडिया जेपी अत्रे मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट के संयोजक विवेक अत्रे ने कहा कि शहर में महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए वह अपनी मां के नाम का महिला टूर्नामेंट शुरू करने जा रहे हैं।