अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश के लोगों को दिवाली पर मान सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने वीरवार को मान सरकार की ओर भेजे गए द पंजाब एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन अमेंडमेंट एक्ट-2024 बिल को मंजूरी दे दी है। 3 सितंबर को यह बिल विधानसभा के मानसून सत्र में सर्वसम्मति से पारित किया गया था, जिसे मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा गया था।
पंजाब के राज्यपाल कटारिया ने प्रदेश सरकार के बिल को मंजूर कर लोगों को बड़ी राहत दी है। इस मंजूरी के साथ प्रदेश में 14 हजार अवैध कॉलोनियों में बनी प्राॅपर्टी की रजिस्ट्री में एनओसी की शर्त खत्म हो गई है। अब बिना एनओसी के प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन हो सकेगा। इससे कच्ची और अवैध कॉलोनी में रह रहे लोगों को मूलभूत सुविधाएं जैसे बिजली, पानी और सीवरेज के कनेक्शन लेने में भी कोई दिक्कत नहीं आएगी।
पंजाब सरकार के इस नए कानून में एनओसी की अन्य शर्तों के साथ अवैध कॉलोनियां तैयार होने की तारीख भी तय है। शर्तों के मुताबिक कॉलोनी 2018 के बाद और 31 जुलाई 2024 के पहले तैयार हुई होनी चाहिए, तभी एनओसी की छूट मिलेगी। 2018 के पहले से पंजाब के अवैध काॅलोनियों का मुद्दा लंबित था, लेकिन पिछली सरकार ने इसका समाधान नहीं किया। आप सरकार ने लाखों लोगों की परेशानी और आर्थिक नुकसान को देखते हुए एनओसी का प्रावधान खत्म कर रजिस्ट्री प्रक्रिया को सुलभ करने का यह ऐतिहासिक फैसला लिया।
इस फैसले से 14 हजार अवैध कॉलोनियों में 500 गज तक के प्लॉट या प्रॉपर्टी नियमित होगी। 31 जुलाई 2024 तक प्रदेश की अवैध कॉलोनियों में 500 वर्ग गज तक की प्रॉपर्टी के जितने भी सौदे हुए हैं, उन्हें अब मालिकाना हक मिलेगा। इन सभी संपत्तियों की रजिस्ट्रेशन के लिए एनओसी की शर्त को सरकार ने समाप्त कर दिया है। साथ ही इन संपत्तियों की रजिस्ट्री नवंबर तक कराना अनिवार्य होगा। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि अवैध कॉलोनी में 500 वर्ग गज तक की प्रॉपर्टी के खरीद सौदे में चाहे उनमें 10 प्रतिशत तक ही बयाना हुआ हो, रजिस्टर्ड सेल डीड, पावर ऑफ अटॉर्नी और यहां तक कि बैंक खातों में ट्रांजेक्शन के जरिए भी अगर खरीद सौदे हुए हैं, उन पर एनओसी की शर्त लागू नहीं होगी। ऐसी सभी संपत्तियां रेगुलराइज की जाएंगी।
अवैध कॉलोनी काटने पर 10 साल कैद, 5 करोड़ तक जुर्माना
संशोधन एक्ट में पंजाब में अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगाने के लिए भी कदम उठाए हैं। उनमें दो अहम बिंदुओं को शामिल किया गया है। 31 जुलाई 2024 के बाद प्रदेश में जो भी कॉलोनाइजर अवैध कॉलोनी तैयार करता है, उसे अब पांच से 10 साल की सजा और 25 लाख से पांच करोड़ रुपये तक जुर्माना देना होगा। अवैध कॉलोनी में जो भी प्लॉट या प्रॉपर्टी 31 जुलाई 2024 तक नहीं बिकी है या इन प्रॉपर्टी के खरीद सौदे नहीं हुए हैं, उन प्रॉपर्टी की रजिस्टरी नहीं होगी। बशर्ते कॉलोनाइजर इन अवैध कॉलोनी में बचे हुए प्लॉटों को रेगुलराइज करने के लिए सीएलयू और तमाम सरकारी फीस का भुगतान कर तय मानकों को पूरा नहीं करता है।