चंडीगढ़। लगभग छह माह बाद निगम के खाते से चोरी हुए 28.51 लाख रुपये बैंक ने लौटा दिए हैं। इस संबंध में निगम ने पुलिस के साथ आरबीआई लोकपाल को भी शिकायत दी थी। जालसाजों ने दो बार में फर्जी चेक लगाकर काऊ सेस के खाते से ये रुपये निकाले थे। तीसरी बार चेक लगाने पर बैंक ने निगम से क्लियरेंस ली तब इस पूरे मामले का खुलासा हुआ था। बाद में पुलिस ने मुंबई से कुछ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था।
18 अक्तूबर 2021 को नगर निगम को अपने साथ ठगी की जानकारी हुई थी। जालसाजों ने फर्जी चेक पर नगर निगम के मुख्य वित्त अधिकारी वीएस ठाकुर के हस्ताक्षर कर यह रकम उड़ाई थी। निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने बताया कि सेक्टर-37 स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में नगर निगम का खाता है। 13 अक्तूबर को चेक नंबर 000093 से 98.51 लाख और 16 अक्तूबर को चेक नंबर 000094 से 22.50 लाख रुपये किसी हुसैन मुतारिक शेख को देने के लिए जारी करने के बारे में पूछा गया। इस पर अधिकारियों ने हैरानी जताते हुए रुपये निकालने के लिए चेक जारी करने से इनकार किया। इस पर बैंक की ओर से बताया गया कि 11 अक्तूबर को भी चेक के माध्यम से खाते से 28.51 लाख रुपये की निकासी हुई थी। उसके बाद निगम व बैंक प्रबंधन हरकत में आया। आयुक्त ने बताया कि प्रशासन की ओर से शराब पर काऊ सेस लगाया गया था, जो गोशालाओं और पशुओं के विकास कार्य पर खर्च होना है। नगर निगम का एमओएच विभाग गोशालाओं की देखभाल करता है, इसलिए काऊ सेस का सेविंग अकाउंट बैंक ऑफ बड़ौदा में खुलवाया गया था। चेक बुक निगम के पास थीं और जिस फर्जी चेक नंबर से रुपये निकाले गए थे, उसके असली चेक निगम के पास ही थे।