इन जिलों में पड़ सकती है धुंध
मौसम विभाग ने पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, गुरुग्राम, मेवात, पलवल, फरीदाबाद, फतेहाबाद और हिसार में धुंध की चेतावनी जारी की है।
गेहूं की पछेती बिजाई के साथ सब्जियों को भी नुकसान: डॉ. सिंह
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह का कहना है कि मौसम में आए बदलाव का असर गेहूं की फसल पर होगा। अगेती व 20 दिनों पहले बुआई की जा चुकी गेहूं में हल्की बारिश से फायदा होगा, वहीं पछेती और पिछले पांच से सात दिन पहले की गई बुआई पर इसका नुकसान हो सकता है। सब्जियों की फसलों पर भी इस मौसम का विपरीत असर पड़ सकता है। खासतौर से ओलावृष्टि वाले क्षेत्र में गेहूं की फसल और सब्जियों को अधिक नुकसान होगा।
सोनीपत में एक्यूआई 348 पहुंचा
सोनीपत में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) काफी तेजी से बढ़कर 348 तक पहुंच गया था। ग्रैप-3 के नियम हटने के बाद प्रदूषण का स्तर फिर से तेजी से बढ़ा। हालांकि शाम को फिर से बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया। इससे अब फिर से सांसों में घुल रहे प्रदूषण के जहर से राहत मिलने की उम्मीद है। बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट आने की संभावना है।
दो सालों से कम हो रही थी बारिश, इस बार 27 फीसदी अधिक
नवंबर महीने में पिछले दो सालों से सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की जा रही थी। इस बार 30 नवंबर तक हरियाणा में 4.8 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई, जो सामान्य से 27 फीसदी ज्यादा रिकॉर्ड की गई। साल 2022 में 0.3 और साल 2021 में बिल्कुल बारिश नहीं हुई थी। इस साल सबसे ज्यादा बारिश झज्जर में रिकॉर्ड हुई। यहां करीब 22 एमएम बारिश हुई। सबसे कम बारिश सिरसा में हुई। यहां 0.2 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई।