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तालिबान की पानीपत तक मार: अफगानिस्तान नहीं पहुंच पा रही दवाओं की खेप, एक कंटेनर पाकिस्तान सीमा पर फंसा

Thu, 26 Aug 2021 02:01 AM IST
ajay kumar संदीप भौरिया, संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)

सार

अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान ने भारत के साथ व्यापार बंद कर दिया। भारतीय बाजारों में अफगानी मेवे नहीं पहुंच पा रहे हैं तो वहीं अफगानी बाजारों में भारतीय दवाएं नहीं पहुंच पा रही हैं। ऐसे में अफगान लोगों के सामने दवाओं का संकट खड़ा हो सकता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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तालिबान के आतंक की मार हरियाणा के पानीपत तक पड़ रही है। पानीपत से अफगानिस्तान जाने वाली दवाओं पर तालिबान ने रोक लगा दी है। पानीपत की तीन दवा कंपनियों को वहां के लोगों तक दवा पहुंचाने के लिए तालिबान के अगले फरमान का इंतजार है।

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अफगानिस्तान के दवा खरीदार ने पानीपत की तीन दवा कंपनियों को लगभग दो करोड़ रुपये का ऑर्डर दिया है। उसका भुगतान भी पानीपत की दवा कंपनियों को हो चुका है लेकिन जब तक तालिबान का प्रतिबंध रहेगा, वहां दवा नहीं भेजी जा सकेंगी। इससे पहले पानीपत की दवा कंपनियां जुलाई महीने में तीन कंटेनर अफगानिस्तान भेज चुकी हैं। 

पानीपत की एक दवा कंपनी इंडकोस का कंटेनर पाकिस्तान के बॉर्डर पर फंसा हुआ है। तालिबान के आतंक के कारण वहां की दवा कंपनियां अफगानिस्तान छोड़ने पर मजबूर हो रही हैं। पानीपत की दवा कंपनी लैबोरेट को अफगानिस्तान के खरीदार से एक लाख डॉलर की दवा का ऑर्डर मिला है।
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वहां से कंपनी को पूर्व भुगतान भी कर दिया गया है। यहां पानीपत की कंपनी ऑर्डर तैयार करने में जुटी है। इसी बीच तालिबान ने व्यापार पर प्रतिबंध लगा दिया। पानीपत की दवा कंपनी ने अफगानिस्तान के खरीदार को यह कंफर्म कर दिया है कि जब तक प्रतिबंध नहीं हटेंगे, वह दवाइयां नहीं भेज पाएंगे। पानीपत की तीन दवा कंपनियां विश्व के 31 देशों को अपनी दवाइयां सप्लाई करती हैं, इनमें पेट रोग संबंधी दवाई मुख्य हैं।

कुछ ऑर्डर रद्द
पानीपत की तीन कंपनियों के अफगानिस्तान में लगभग 15 बड़े खरीदार हैं। वहां से हर माह लगभग पौने दो करोड़ रुपये की दवा का ऑर्डर मिलता है। तालिबान के व्यापार पर प्रतिबंध लगाने के बाद वहां के खरीदार ने फिलहाल कुछ ऑर्डर रद्द कर दिए हैं। इसका पानीपत की दवा कंपनियों को नुकसान हुआ है।

वे पूर्व भुगतान पर काम करते हैं। अफगानिस्तान में उनके दो खरीदार हैं। जुलाई में उन्होंने एक ऑर्डर अफगानिस्तान भेजा है। उसका भुगतान हो चुका है। अभी एक खरीदार का एक लाख डालर का ऑर्डर उनके पास है। जब तक प्रतिबंध नहीं हटेगा, वे दवा नहीं भेज सकते। - संजय भाटिया, मालिक लैबोरेट कंपनी।

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