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पुलिस की लापरवाही से नाबालिग को डेढ़ महीना रहना पड़ा जेल

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चंडीगढ़। छत पर पेन फेंककर 12 साल की बच्ची को मोबाइल नंबर देने के आरोपी किशोर को डेढ़ महीना जेल में बिताना पड़ा। डेढ़ माह पहले गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उसे 19 साल का लिखकर मामला दर्ज किया था, लेकिन असल में उसकी उम्र 16 साल थी। इस बीच वह संगीन अपराधियों के साथ जेल में रहा। अब पुलिस की लापरवाही साबित होने के बाद अदालत ने किशोर को बाल सुधार गृह भेजने का फैसला सुनाया है।
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किशोर पर अब जुवेनाइल कोर्ट में मामला चलेगा। किशोर के वकील अभिनय गोयल ने कहा कि यह गंभीर लापरवाही है। किशोर ने अपराध किया है या नहीं, यह अदालत तय करेगी, लेकिन पुलिस की गलती के कारण उसे 50 दिन तक अपराधियों के बीच रखा गया, इस दौरान उसकी मानसिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ा। वकील ने बताया कि उन्होंने आरोपी को किशोर साबित करने केे लिए अदालत से मांग की थी। पुलिस ने बच्चे के आधार कार्ड और 10वीं के सर्टिफिकेट को वेरिफाई करने के लिए समय मांगा था। अब पुलिस ने उत्तराखंड स्कूल बोर्ड से वेरिफाई किया तो पता चला कि आरोपी वाकई 16 साल का है। सुनवाई के दौरान पुलिस ने अपनी गलती को माना। दरअसल, बीते सात जुलाई को पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 354डी और पॉक्सो एक्ट की धारा 12 के तहत मामला दर्ज किया था।
दरअसल, बीते सात जुलाई को पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 354डी और पॉक्सो एक्ट की धारा 12 के तहत मामला दर्ज किया था। 12 साल की बच्ची के पिता ने शिकायत दी थी कि उनकी बेटी अपने घर की छत पर खेल रही थी। सामने की बिल्डिंग से एक लड़के ने उनकी छत पर एक पेन फेंका। उस पेन के अंदर एक कागज था जिस पर मोबाइल नंबर लिखा था। लड़की ने इस बारे में अपने पिता को बताया। लड़की का पिता जब छत पर पहुंचा, तो लड़का खड़ा था। लड़की ने बताया कि इसी ने पेन फेंका था और वह पहले भी उसे परेशान करता था। लड़की के पिता ने इस बारे में पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने आरोपी नाबालिग के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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