पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कुंडली बॉर्डर पर एक युवक की हत्या के मामले में केंद्रीय खुफिया एजेंसियों का हाथ होने की आशंका जताई है। उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार किसानों के आंदोलन को एक धर्म विशेष का आंदोलन साबित करने और सिखों और निहंग जत्थेबंदियों में दरार डालने की साजिश रच रही है।
मंगलवार को जारी बयान में जाखड़ ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री से हुई बैठक की सार्वजनिक हुई तस्वीरों में एक पूर्व पुलिस कैट पिंकी की उपस्थिति और पिछले दिनों एक के बाद एक सिलसिलेवार घटनाएं सिद्ध करती हैं कि केंद्र सरकार पंजाब के अमन-चैन को भंग करने की साजिश में शामिल है।
यह भी पढ़ें: केंद्र पर सौतेले व्यवहार का आरोप: मंत्री राणा गुरजीत बोले- बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ने से बुरे आर्थिक दौर में जाएगा पंजाब
आंदोलन में निहंगों की मौजूदगी नुकसानदायक नहीं : जाखड़
जाखड़ ने कहा कि निहंग जत्थेबंदियों का दिल्ली की सीमा पर होना आंदोलन के लिए नुकसानदायक नहीं है, क्योंकि उनके वहां होने से ही भाजपा के दबंग किसानों को वहां से उठाने में नाकाम रहे। उन्होंने कहा कि पहले एसडीएम का पुलिस को किसानों के सिर फोड़ने के लिए कहना, फिर हरियाणा के मुख्यमंत्री की तरफ से लोगों को लाठियां उठाने के लिए कहना, लखीमपुर खीरी में किसानों को भाजपा नेता द्वारा गाड़ी के नीचे कुचलकर मारना, कुंडली बॉर्डर की घटना, पंजाब में बीएसएफ को 50 किलोमीटर तक का अधिकार देना, एक के बाद एक बड़ी साजिश की कड़ी लग रही है।