फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़ में सुखना लेक ने पार किया खतरे का निशान, दो साल बाद खोले गए दो गेट, बाढ़ के हालात

Mon, 24 Aug 2020 02:11 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
सुखना के फ्लड गेट खोले गए - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बीते कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश से सुखना लेक का जलस्तर रविवार को खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। जलस्तर के खतरे के निशान 1163.00 फुट से .40 फुट अधिक होने पर तड़के 3.10 बजे लेक के डैम के दोनों गेट नौ इंच तक खोलने पड़े। झील के पानी से सुखना चो पर बने पुल किशनगढ़ और बापूधाम सेक्टर-26 के पास वाले पुल के ऊपर से पानी बहने लगा, जिससे आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई।
विज्ञापन


सुखना लेक के आसपास के पहाड़ी इलाके में शनिवार देर रात हुई हुई झमाझम बारिश रविवार सुबह तक जारी रही। चंडीगढ़ में एक ही रात में 80 मिली मीटर बारिश से सुखना का जलस्तर खतरे के निशान 1163.00 से ऊपर पहुंच गया। इसके बाद इंजीनियरिंग विभाग के आला अधिकारियों की सहमति के बाद तड़के 3.10 बजे डैम के दोनों गेट नौ इंच तक खोल दिए गया। इसके बाद हजारों क्यूसेक पानी के सुखना चो में छोड़ा गया, जिससे किशनगढ़ और बापूधाम के पुलों के ऊपर से पानी बहने लगा।

चंडीगढ़ पुलिस ने एहतियातन चो के आसपास क्षेत्र में रहने वाले लोगों के बीच मुनादी कराकर इसकी जानकारी दी। साथ ही पुलों पर पूरी तरह से आवाजाही बंद कर दी। दोपहर 12.30 बजे सुखना का जलस्तर 1162.75 फुट पहुंचने पर डैम के दोनों गेटों को बंद किया गया। इसके बाद चो में पानी कम हुआ और दोनों पुलों पर हालात सामान्य हो पाए। इधर, खराब मौसम को देखते हुए इंजीनियरिंग विभाग के आला अधिकारियों ने लेक के स्टाफ को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

24 सितंबर 2018 को 10 साल बाद खुले थे डैम के गेट

इससे पहले सुखना का जलस्तर 24 सितंबर 2018 को खतरे के निशान से ऊपर चला गया था, जिसके बाद डैम के दोनों गेटों को खोलना पड़ा था। 2018 से 10 साल पहले भी ऐसे ही हालात हुए थे, जिसके बाद लेक के गेट खोलने पड़े थे। इस बार सुखना का जल स्तर सामान्य रहा। अब सुखना में अगले चार से पांच साल तक पानी की कमी नहीं होगी।

बता दें कि इस बार अत्यधिक बारिश के कारण अगस्त में ही लेक के दोनों गेट खोलने पड़ गए। अमूमन सितंबर में ही गेट खोलने की अभी तक नौबत आती है। इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों की मानें तो यदि बारिश के यही हालात रहे तो सितंबर में फिर गेट के खोलने पड़ सकते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में अब लगातार बारिश होने से भी सुखना का जल स्तर बढ़ रहा है।

मिल सकती है वाटर स्पोर्ट्स की मेजबानी
इस बार सुखना के बढ़े जलस्तर को देखते हुए चंडीगढ़ को वाटर स्पोर्ट्स चैंपियनशिप की मेजबानी मिल सकती है। आपको बता दें कि 2017 में सुखना लेक में पानी का स्तर काफी कम हो गया था, जिसके कारण वाटर स्पोर्ट्स चैंपियनशिप की मेजबानी चली गई थी। इस बार पानी का स्तर 1160 से ऊपर ही बना हुआ है, जिससे संक्रमण के बाद हालात सामान्य होते ही वाटर स्पोर्ट्स टूर्नामेंट की मेजबानी भी मिल सकती है।

1162.75 फुट रखेंगे लेक का जल स्तर
सुखना झील का जलस्तर अब इंजीनियरिंग विभाग 1162.75 फुट रखेगा। मानसून की सक्रियता के कारण यह निर्णय अधिकारियों ने लिया है। लेक पर तैनात रहने वाले तकनीकी स्टाफ को भी इसकी जानकारी दे दी जाएगी।
- उन्मेद सिंह, जेई, सुखना लेक, चंडीगढ़
विज्ञापन

लेक के गेट खोलने के लिए सकेतड़ी के महेंद्र सिंह पर आश्रित है इंजीनियरिंग विभाग

आपको यह जानकार हैरानी होगी कि चंडीगढ़ के इतने बड़े इंजीनियरिंग विभाग के पास आपातकाल में सुखना के गेट खोलने के लिए कोई भी तकनीकी स्टाफ मौजूद नहीं है। पिछले 30 सालों से बिना कोई डिग्री के यह जिम्मेदारी सकेतड़ी के महेंद्र सिंह और उनके साथी निभा रहे हैं। विभाग भी उनके अनुभव को देखते हुए हर साल मानसून सत्र में उन्हें पूरी टीम के साथ आउटसोर्स के जरिए हायर करता है।

ली कार्बुजिए के इस खूबसूरत शहर को संजोने की जिम्मेदारी चंडीगढ़ के इंजीनियरिंग विभाग के पास है। विभाग के आधुनिक बिल्डिंगों को तैयार करने के लिए अनुभवी और तकनीकी स्टाफ के साथ ही आधुनिक मशीनें मौजूद हैं, लेकिन इसके बाद भी यह हैरान करने वाली बात है कि विभाग के पास लेक के गेट खोलने के लिए अभी तक कोई तकनीकी स्टाफ ही नहीं है।

पिछले 30 सालों में जब भी लेक का जलस्तर खतरे के निशान के पार जाता है विभाग को सकेतड़ी के महेंद्र सिंह व उनके साथियों की याद आती है। इसके लिए उन्हें अच्छी खासी रकम भी दी जाती है। हालांकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब कुछ कर्मचारियों को इस कार्य के लिए तैयार कर लिया गया है। उन्हें महेंद्र सिंह की देखरेख में ही कार्य कराया जा रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें