मई के पहले सप्ताह में होगा नए दल का गठन।
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पंजाब की अकाली राजनीति में एक नया अध्याय जल्द ही जुड़ने वाला है। सोमवार को शिरोमणि अकाली दल (डेमोक्रेटिक) के प्रधान सुखदेव सिंह ढींढसा और शिरोमणि अकाली दल (टकसाली) के प्रधान जत्थेदार रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने परस्पर एकजुटता दिखाते हुए अपने-अपने दल को भंग करने का एलान किया।
उन्होंने यह भी एलान किया कि मई के पहले हफ्ते में नई पार्टी का गठन करके मजबूत जत्थेबंधक ढांचा बनाया जाएगा और हमख्याल पार्टियों के साथ तालमेल कर चौथे फ्रंट का गठन किया जाएगा ताकि प्रमुख सियासी दलों को करारी हार दी जा सके। दोनों नेताओं ने साझा तौर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की गई थी कि वे अपनी जिद छोड़कर किसानों की मांगों को तुरंत स्वीकार करें और आंदोलन को समाप्त कराएं।
दिवंगत जत्थेदार जगदेव सिंह तलवंडी के पुत्र रणजीत सिंह तलवंडी के चंडीगढ़ स्थित आवास पर सोमवार को दोनों पार्टियों की लीडरशिप ने बैठक के बाद एलान किया कि बरगाड़ी कांड के दोषियों को पकड़ने और पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल जल्दी ही पंजाब के राज्यपाल से मिलेगा।
उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार और बादल दोनों फ्रेंडली मैच खेल रहे हैं, जिसका खामियाजा पंजाब भुगत रहा है। दोनों नेताओं ने कैप्टन सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनाव के समय कैप्टन ने बड़े-बड़े वादे किए थे कि बरगाड़ी कांड के असली दोषियों, कर्जमाफी आदि मामलों को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। लेकिन असलियत में उन्होंने बादलों के साथ मिलकर पंजाब को लूटा। ब्रह्मपुरा और ढींढसा ने कहा कि हम दोनों नई पार्टी बनाकर पंजाब को चौथा फ्रंट जरूर देंगे।
इस संबंध में जारी प्रेस बयान में छह सदस्य एकता कमेटी के प्रमुख प्रवक्ता करनैल सिंह पीरमुहम्मद ने कहा कि पंजाबियों की इच्छा का सम्मान करते हुए दोनों टकसाली अकाली नेता जत्थेदार ब्रह्मपुरा और सुखदेव सिंह ढींढसा ने एक साझा तालमेल एकता कमेटी गठित की थी, जिसमें ब्रह्मपुरा और ढींढसा ने जत्थेदार उजागर सिंह बडाली, जत्थेदार महिंदर सिंह हुसैनपुर, करनैल सिंह पीरमुहम्मद, जगदीश सिंह गरचा, रणजीत सिंह तलवंडी और एडवोकेट छिंदरपाल सिंह बराड़ को सदस्य बनाया था। इस एकता कमेटी ने लगातार बैठकें कर दोनों अकाली दलों के बीच एकता का माहौल तैयार किया।