पत्रकारों से बात करते सुखबीर सिंह बादल।
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शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल ने कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था चरमा गई है, सरकार व्यवस्था बनाने में फेल हो चुकी है। पंजाब के इंटेलीजेंस कार्यालय पर राकेट से हमला हुआ जो कि पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। सुखबीर सोमवार को जलालाबाद में कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने और बस हादसे के मृतकों के परिजनों से मिलने पहुंचे थे।
सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने सरकार बनाने के लिए इतने झूठ बोले कि पंजाब के लोग उन्हें वोट डालने को मजबूर हो गए। उन्होंने किसानों की आत्महत्याओं पर कहा कि केजरीवाल ने पंजाब से वादा किया था आप की सरकार बनने पर किसान आत्महत्या नहीं करेगा।
पिछले कुछ दिनों से कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ रही हैं। पंजाब के इंटेलीजेंस कार्यालय पर राकेट लांचर से हमला हुआ, जो पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। किसान मजदूर मांगों को लेकर धरने पर हैं। इससे पता चलता है कि ये सरकार फेल हो चुकी है। पंजाब में नशे के कारण नौजवानों की मौतें बढ़ रही हैं, जबकि प्रशासन इन आंकड़ों को छिपाने में लगा है।
गांव घट्टियांवाली का हवाला देते हुए कहा कि वहां के लोग उनके पास आए और उन्होंने कहा कि वहां एक नौजवान की मौत के मामले में पुलिस ने धक्केशाही से दिल का दौरा पड़ने से मौत होने संबंधी बयान दर्ज किया है। सुखबीर ने कहा कि सरकार की ओर से नशे के खिलाफ कार्रवाई के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
गेहूं निर्यात पर केंद्र की रोक पर सुखबीर बादल ने कहा कि अब जबकि किसानों को गेहूं के अधिक दाम मिलने थे तो केंद्र ने निर्यात पर रोक लगा दी। इस बार सीजन के दौरान किसानों पर मौसम की मार पड़ी है और करीब 30-40 प्रतिशत गेहूं का उत्पादन कम हुआ है। इसे देखते हुए सरकार किसानों को 500 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं पर मुआवजा दे।
पाकिस्तान में सिखों की मौत के मामले में उन्होंने गृह मंत्री से अपील की है कि वे इस मामले में पीड़ित परिवारों को इंसाफ दिलाने के लिए सख्त कदम उठाएं। इसके अलावा उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की है कि मिनी बस हादसे में मृतकों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा जारी किया जाए।