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पीयू सीनेट चुनाव करवाने के लिए छात्रों व पूर्व सीनेटरों ने प्रदर्शन किया

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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय सीनेट के स्नातक वर्ग के चुनाव स्थगित करने के विरोध में छात्रों ने वीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान दो घंटे तक नारेबाजी की।
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पीयू के अफसरों को चेतावनी दी कि वह स्नातक वर्ग के चुनाव निर्धारित समय पर करवाएं अन्यथा उग्र प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन के दौरान पूर्व सीनेटर भी आए थे। निर्णय लिया गया कि सीनेट चुनाव को लेकर संयुक्त मोर्चा बनाया जाएगा, जिसमें किसान संगठनों, ट्रेड यूनियनों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वीसी की तानाशाही नहीं चलने देंगे। वहीं स्नातक वर्ग से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी रविंदर धालीवाल वीसी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। पीयू ने शुक्रवार को 18 अगस्त को होने वाले स्नातक वर्ग के चुनाव टाल दिए। हाई कोर्ट के आदेश के बाद पीयू ने यह निर्णय लिया। जैसे ही यह बात छात्रों व पूर्व सीनेटरों को पता लगी तो उनमें आक्रोश पनप गया। छात्रों ने प्रदर्शन की घोषणा की। एसएफएस, पीएसयू ललकार, एएसए, एनएसयूआई आदि छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को वीसी कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर धरना दिया। छात्रों ने कहा कि पीयू के अधिकारी नहीं चाहते कि सीनेट का गठन हो। बार-बार वे चुनाव में अड़ंगा लगाना चाहते हैं, जबकि सभी वर्ग के चुनाव आसानी से हो सकते हैं। स्नातक वर्ग के चुनाव के लिए सभी तैयारियां पूरी हो गई थीं। प्रत्याशी भी तैयारी कर चुके थे, लेकिन अधिकारियों ने इस पर रोक लगा दी। सीनेट का गठन न होने के कारण छात्रों के तमाम मसले अटके हुए हैं। शिक्षकों के कार्य बिना सीनेट के नहीं हो रहे हैं। सीनेट का गठन पिछले साल ही हो जाना चाहिए था, पर अधिकारी बार-बार चुनाव लटका रहे हैं।
पूर्व सीनेटरों ने कहा कि वीसी अपनी मनमानी कर रहे हैं। वह नहीं चाहते कि चुनाव हों। हर फैसले एकतरफा लिए जा रहे हैं। मुख्य मुद्दों पर काम नहीं हो रहा है। इससे लगातार पीयू की साख गिर रही है। सीनेट एक लोकतांत्रिक ढांचा है, जिसके बिना पीयू का संचालन नहीं हो सकता। सीनेट का जल्द से जल्द गठन होना चाहिए। इसके लिए पीयू के अधिकारी आगे आएं और स्नातक वर्ग के चुनाव करवाएं। अपने हित में निर्णय न लेकर छात्रों, शिक्षकों व पीयू के हितों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
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