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हरियाणा की जेलों में अचानक छापेमारी के दौरान कैदियों, बंदियों से मिले अजीबोगरीब हथियार

Sun, 04 Aug 2019 03:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा मोहित धुपड़, चंडीगढ़
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ये हैं हथियार - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा की जेलों में कैदियों व बंदियों द्वारा वारदात को अंजाम देने के लिए बाहर से किसी तेजधार हथियार मंगवाने की जरूरत नहीं है। वे जेल के भीतर ही अपने हथियार देसी जुगाड़ से तैयार कर लेते हैं। उसके बाद कई बार रंजिशन आपसी झगड़ा होने के बाद इस तरह के हथियारों का इस्तेमाल बंदी व कैदियों द्वारा किया जाता है। हैरत की बात यह कि जेल प्रशासन को भी इस तरह के हथियारों की भनक तक नहीं लगती।

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मगर पिछले दिनों हरियाणा की जेलों में आपसी गुटों में हुए रंजिशन हमलों व मारपीट के मामलों के बाद हरियाणा पुलिस ने सिविल प्रशासन  के साथ मिलकर शनिवार को एक औचक निरीक्षण करवाने का निर्णय लिया गया। शनिवार को यह सर्च अभियान जिलों के डीसी व एसपी के नेतृत्व में चला। 

इस सर्च ऑपरेशन में कैदियों द्वारा तैयार किए गए  तेजधार हथियारों की शक्ल में जो चीजें जेल से बरामद हुई, उसने अफसरों की चिंताएं बढ़ा दी है। अफसर कैदियों व बंदियों द्वारा जेलों तेजधार हथियारों के तैयार करने के तरीके से खासे हैरान है।
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इस तरह बने  हथियार
जेल सूत्रों के अनुसार इन तेजधार हथियारों को बनाने के लिए कैदी व बंदी अपने गिलासों, थालियों व चम्मच का ही सहारा लेते हैं। जेलों में कैदियों व बंदियों के बैरकों व अन्य जगहों से जो तेजधार हथियार मिले हैं उसे तैयार करने में टूथब्रेश, लाईटर और लकड़ियों का सहारा लिया गया है। इससे हथियार के पीछे का हिस्सा बनाया गया है। जबकि आगे के हिस्से को जमीन पर रगड़-रगड़ धारदार किया गया है। यह हथियार इतने तेज है कि किसी चीज को काटने में सक्षम है।

मोबाइल, पैन ड्राइव, नशा, नगदी भी मिले
सर्च अभियान में विभिन्न जेलों से मोबाइल, पैन ड्राइव, नशा व नगदी भी बरामद हुई है। तलाशी के दौरान विभिन्न जेलों से 7 मोबाइल फोन, 6 सिम कार्ड, 3 चार्जर, 1 पेन ड्राइव, 46350 रुपये, 3 ग्राम अफीम, 2 छोटी कैंची, 3 इंजेक्शन सीरिंज, 2 डेटा केबल, एक मोबाइल बैटरी, व लोहे की कीलें और रस्सियां भी बरामद हुई है।

जेलों में गैरकानूनी गतिविधियों, उपकरणों तथा अवैध व अन्य नाजायज गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य स्तरीय रूटीन जांच अभियान चलाया गया। प्रत्येक जिले में लगभग 150 से 200 पुलिसकर्मियों की टीमों ने सुबह 9 बजे छापेमारी शुरू की जो दोपहर 12 बजे तक चली। टीमों ने जेल परिसर में बैरक, रसोई, शौचालय और अन्य स्थान की तलाशी ली। गैरकानूनी वस्तुओं के कब्जे में पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ  केस दर्ज करवाए जा रहे हैं।
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- नवदीप सिंह विर्क, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक हरियाणा  पुलिस

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