चंडीगढ़ के 10 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को स्टेट ऑफिस ने बिल्डिंग बाय लॉज, अग्नि सुरक्षा आदि प्रावधानों को पूरा न करने पर नोटिस जारी किया है। अगले तीन हफ्ते में स्टेट ऑफिस द्वारा 69 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा और उनमें खामियां होने पर नोटिस जारी किए जाएंगे। शिक्षा विभाग की निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार शहर में 79 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में 13000 बच्चे पढ़ रहे हैं।
स्कूलों को नोटिस जारी होने के बाद अपना पक्ष रखने के लिए दो महीने का समय दिया जाएगा। ऐसे में अगर स्कूल विभिन्न मानकों पर खरा उतरने में असफल रहते हैं तो बच्चों को अन्य स्कूल में शिफ्ट किया जाएगा। ऐसा करने पर बच्चों को परेशानी न हो इसलिए स्टेट ऑफिस ने शिक्षा विभाग को बच्चों को शिफ्ट करने के लिए रोस्टर बनाने के लिए कहा है जिसमें उन्हें शिफ्ट करने की स्थिति में पूरी योजना हो।
शिक्षा विभाग ने अगस्त माह में निजी स्कूलों की निरीक्षण रिपोर्ट को अगस्त माह में स्टेट ऑफिस को भेजा था और नियमों के अनुसार उन पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
स्टेट ऑफिस ने रिपोर्ट के आधार पर क्षेत्र अनुसार अब तक 10 स्कूलों का निरीक्षण किया और उन्हें नोटिस जारी कर चुके हैं।
डीसी विनय प्रताप सिंह ने बताया कि अगले तीन हफ्ते में एरिया एसडीएम और उनकी टीम बचे हुए 69 स्कूलों का निरीक्षण करेंगे और खामियां पाने पर उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस भेजे गए स्कूलों की स्टेट ऑफिस कोर्ट में सुनवाई होगी। मानक पूरे न करने पर बच्चों को इन स्कूलों से शिफ्ट करने की जरूरत भी पड़ सकती है जिसे लेकर शिक्षा विभाग को तत्काल ही उन्हें शिफ्ट करने के लिए योजना बनाने के लिए कहा है।
बिल्डिंग प्लान अनुमोदित न होने को लेकर आ रही समस्या
रूरल स्कूल एसोसिएशन अध्यक्ष वीबी कपिल ने बताया चंडीगढ़ के गांव में अधिकतर निजी स्कूल 90 या 2000 के दशक से चल रहे हैं। उस समय स्कूल पंचायती राज के अंदर आते थे और भवन योजना की अनुमति लेना अनिवार्य नहीं था। स्कूल उस समय के बने हुए हैं और अभी उनका कंप्लीनश और ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट नहीं बन पा रहा। स्कूलों को मुख्य दिक्कत बियल्डिंग बाय लॉज को लेकर आ रही है।
कई वर्षों से चल रहा मामला
गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों का मामला कई सालों से चल रहा है। शिक्षा विभाग द्वारा स्टेट ऑफिस को अगस्त माह में भेजी रिपोर्ट 2019 के निरीक्षण की है जिस पर अब कार्रवाई की जा रही है। इनमें कई स्कूल दो-तीन दशकों से चल रहे हैं और उनका कहना है कि समय के साथ कई मानकों को लेकर बदलाव आए लेकिन छोटे स्कूलों के लिए सभी को पूरा करना मुमकिन नहीं।
- नोटिस मिलने के दो महीने के अंदर स्टेट ऑफिस कोर्ट में होगी स्कूलों की सुनवाई
- शहर के 79 निजी स्कूलों में पढ़ रहे 13000 बच्चे
- शिक्षा विभाग की निरीक्षण रिपोर्ट में 79 में से 66 गैर मान्यता प्राप्त, 50 स्कूलों के पास अग्नि सुरक्षा प्रबंधन नहीं