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गैंगस्टर्स पर डिजिटल स्ट्राइक: पंजाब एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने बंद करवाए 203 सोशल मीडिया अकाउंट

Wed, 11 Sep 2024 09:56 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

जिन गैंगस्टरों और उनके गुर्गों के ये अकाउंट्स बंद किए गए हैं, उनमें गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, दविंदर बंबीहा, लखबीर लंडा, जग्गू भगवानपुरिया, काला जठेड़ी और कई आतंकी संगठनों के भी अकाउंट्स शामिल थे।
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social media account ban - फोटो : istock
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विस्तार
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पंजाब पुलिस के एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। एजीटीएफ के एआईजी संदीप गोयल ने बताया कि सोशल मीडिया पर गैंगस्टरों और उनके गिरोह के सदस्यों के करीब 203 अकाउंट्स को बंद करवा दिया है।
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इन सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए गैंगस्टर पंजाब में अवैध हथियारों की तस्करी, गलत बयानबाजी और ड्रग्स तस्करी को बढ़ावा देने के प्रयास में जुटे थे, यहां तक की इन अकाउंट्स के जरिए ही गैंगस्टर और उनके गुर्गे एक दूसरे से तालमाल रखते थे, ताकि वह पुलिस की पकड़ से बच सकें। इन अकाउंट्स के जरिए ही वह सभी बातें और कोड वर्ड में अपने टारगेट पर नजर रखते थे। एआईजी ने बताया कि एजीटीएफ ने कुल 133 फेसबुक अकाउंट और 70 इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर यह कार्रवाई की है। इसके अलावा अन्य अकाउंट की पहचान की जा रही है। जल्दी ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

एआईजी ने कहा कि 6 अप्रैल 2022 को एजीटीएफ का गठन किया गया था। दो साल में 1408 गैंगस्टर और अपराधी काबू किया गया है। पुलिस की तरफ से 505 आतंकी मॉड्यूल का भी पर्दाफाश किया है। गैंगस्टरों से पुलिस ने अब तक 1332 हथियार बरामद किए हैं। पुलिस ने 292 वाहन जब्त किए हैं, जबकि यह कार्रवाई भी लगातार आगे चल रही है।

युवाओं को गिरोह में शामिल करा रहे गैंगस्टर

एआईजी ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए ही गैंगस्टर विदेश बैठकर न केवल अपने गिरोह को ऑपरेट करते हैं, बल्कि युवाओं को अपने गिरोह में शामिल करने के लिए उनसे संपर्क करते हैं। युवाओं को गैंग में शामिल कराने से लेकर उनसे टारगेट किलिंग और अन्य वारदातों को अंजाम देने के लिए तालमेल किया जाता है। ऐसे कई युवाओं को एजीटीएफ ने सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए काबू किया है। सहराली थाने पर हुए हमले में भी ऐसा ही था।
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