वे आंखों से देख नहीं सकते, पर उनके सपने बड़े हैं। इन सपनों को पंख देने का काम सेक्टर-26 के श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ने किया है। पहले दिव्यांग बच्चे 12वीं तक की शिक्षा तो ब्लाइंड स्कूल से निशुल्क कर लेते थे, पर आगे कोई व्यवस्था न होने के कारण उनके सपने पूरे नहीं हो पाते थे। उनकी इस समस्या को देखते हुए श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ने स्नातक से पीएचडी तक की इनकी शिक्षा का बीड़ा उठा लिया है।
कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि शहर के ब्लाइंड स्कूल के छात्रों को अब स्नातक से लेकर पीएचडी तक की शिक्षा भी निशुल्क मिलेगी। हाल ही में ब्लाइंड स्कूल सेक्टर-26 के प्रिंसिपल जेएस जायडा और श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज के बीच एक बैठक हुई जिसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी ली।
सेक्टर-26 के ब्लाइंड स्कूल में 12वीं तक की शिक्षा निशुल्क
सेक्टर-26 में शहर का एकमात्र ब्लाइंड स्कूल है, जहां पर दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई और रहने की व्यवस्था है। बच्चों को 12वीं तक की शिक्षा निशुल्क दी जाती है। उनके लिए छात्रावास की व्यवस्था भी है। यहां पर पढ़ने वाले अधिकतर बच्चे गरीब परिवार से होते हैं। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद आर्थिक स्थिति बेहतर न होने के कारण वे कॉलेज तक नहीं पहुंच पाते। इसके चलते 12वीं के बाद उनकी पढ़ाई बाधित हो जाती है।
बच्चों का भविष्य सुरक्षित हाथों में
ब्लाइंड स्कूल के प्रिंसिपल जेएस जायडा ने बताया कि अब दिव्यांग बच्चों का भविष्य सुरक्षित हाथों में पहुंच गया है। उनके स्कूल के बच्चे भले ही आंखों से दुनिया देख नहीं सकते, लेकिन इसके बावजूद इनके हौसलों में कोई कमी नही हैं। हर साल पढ़ाई में भी वे आगे रहते हैं। यहां पर 12वीं की पढ़ाई के बाद उनकी आगे की शिक्षा असुविधाओं के अभाव में नहीं हो पाती थी, लेकिन अब श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ने इन बच्चों की स्नातक और इससे भी अधिक शिक्षा का भार उठा लिया हैं। कॉलेज उन्हें स्नातक की शिक्षा कॉलेज में निशुल्क देगा। वहीं अगर दिव्यांग बच्चे उच्च शिक्षा की कोई अन्य डिग्री भी करना चाहेंगे तो कॉलेज उसे भी कराएगा।
ब्लाइंड स्कूल के बच्चों की बेहतर पढ़ाई और उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज प्रबंधन और कॉलेज की एलुमनी एसोसिएशन मिलकर आगे आई है। इससे इन बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी और वह अपना भविष्य बना पाएंगे। -डॉ. नवजोत कौर, प्रिंसिपल श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज सेक्टर-26