एक अन्य मामले पर विचार करते हुए सिंह साहिब ने जगजीत सिंह (नामजद सदस्य) गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, इंदौर, मध्य प्रदेश पर श्री अकाल तख्त साहिब जी के आदेश पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा (इंदौर) की चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने के आरोप के तरह आदेश दिया है कि वह श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश नहीं हुआ है जबकि उसे पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था। परंतु वह हर बार वह लापरवाही के कारण हाजिर नहीं हुए। जिस को मुख्य रखते हुए उसे प्रबंधक कमेटी की सदस्यता से बर्खास्त किया जाता है और संगत को आदेश दिया कि जब तक जगजीत सिंह गुरुद्वारा चुनाव से संबंधित कोर्ट में चल रहे मामले वापस नहीं लेते और श्री अकाल तख्त साहिब पर उपस्थित नहीं होते और अपनी गलती नहीं स्वीकार कर धार्मिक सजा नहीं भुगतता तब तक उससे किसी भी तरह की सांझ न रखी जाए और न ही उसे किसी तरह का सम्मान दिया जाए।
एक अन्य मामले में गुरुद्वारा सिंह सभा, म्यानी रोड, दसूहा जिला, होशियारपुर की गुरुद्वारा प्रबंधन को बार-बार समन भेजे गए। इस के बावजूद भी कमेटी के लोग श्री अकाल तख्त साहिब पर उपस्थित नहीं हुए। इस पर पंज सिंह साहिबों ने गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष परमजीत सिंह, उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह और सचिव कमलप्रीत सिंह को गुरुद्वारा साहिब के प्रबंध चलाने में अक्षम करार दिया है। सभी संगतों को उनके साथ किसी तरह का संबंध न रखने का आदेश जारी किया।
इसी तरह बाबा दर्शन सिंह गुमटाले के मामले में पंज सिंह साहिबों ने निर्णय लिया कि इस व्यक्ति को पंज सिंह साहिबों की उपस्थिति में श्री अकाल तख्त साहिब पर संगत के सामने खड़े होकर अपनी गलतियों को स्वीकार करना चाहिए और गुरु पंथ से क्षमा मांगनी चाहिए। आरोपी जब तक गुरुग्रंथ साहिब और संगत व पंज सिंह साहिबों की उपस्थिति में श्री अकाल तख्त साहिब के सामने माफी नहीं मांगता तब तक वह कथा-कीर्तन करने के लिए अधिकृत नहीं है और न ही संगत को उससे मुंह लगाना चाहिए और न ही उसके साथ किसी तरह का संबध रखना चाहिए।
अगर वह किसी भी तरह कथा-कीर्तन करते हुए सामने आए तो उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपी अपने स्थानों पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश करने के लिए भी अधिकृत नहीं हैं। सोमवार को श्री अकाल तख्त साहिब पर हुई पांच सिंह साहिबान की बैठक में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह, तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह, तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी सुल्तान सिंह, श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी गुरमिंदर सिंह और तख्त श्री हजूर साहिब से भाई राम सिंह ने भाग लिया। जब से ज्ञानी रघबीर सिंह श्री अकाल तख्त के जत्थेदार बने है उनकी अध्यक्षता में यह पहली बैठक हुई है।