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चंडीगढ़ का स्थापना दिवस: नेहरू के सपनों का शहर तेजी से विकास पथ पर अग्रसर, हर दिशा में बढ़ रहा आगे

Mon, 01 Nov 2021 08:26 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ देश का एकमात्र ऐसा शहर है जिसका कवर ग्रीन एरिया बढ़ रहा है। हरियाली के कारण ही इसे सिटी ब्यूटीफुल कहा जाता है। अब यह बदल रहा है और एक नई इबारत लिखने को तैयार है।
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चंडीगढ़ का स्थापना दिवस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में बसा चंडीगढ़ देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के सपनों का शहर है। यह शहर आजादी के बाद से भारत का पहला योजनाबद्ध शहर होने के कारण लोकप्रिय है। फ्रांस में जन्में स्विस वास्तुकार ली कार्बूजिए द्वारा यह शहर डिजाइन किया गया है। शहर के कैपिटल कांप्लेक्स को यूनेस्क्रो ने हेरिटेज इमारत का दर्जा भी दिया है। एक नवंबर 1966 को चंडीगढ़ को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया। यह शहर अब स्मार्ट सिटी बनने लगा है। 24 घंटे पानी, कैमरों का जाल, साइकिल ट्रैक, इंटीग्रटेड सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर बनाकर इस शहर को आबादी के अनुरूप हाईटेक बनाया जा रहा है।

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परिवहन... 21 साल में 6 लाख से ज्यादा गाड़ियां सड़कों पर आईं
आबादी के साथ शहर में गाड़ियों की संख्या बेहद तेजी से बढ़ रही है। ये चिंता की बात है। एक जनवरी 2000 से 21 अक्तूबर 2021 के बीच शहर में 3 लाख 62 हजार 316 मोटरसाइकिलें और दो लाख 93 हजार 645 नई कारें सड़कों पर उतरी हैं। चंडीगढ़ जैसे छोटे शहर के लिए निजी वाहनों की ये संख्या काफी ज्यादा है। इस वजह से ही प्रति व्यक्ति गाड़ियों के मामले में देश में ये पहले नंबर पर है। प्रशासन की एक रिपोर्ट के अनुसार शहर में औसतन एक व्यक्ति पर दो कारें हैं।
 
आबादी... पांच लाख की आबादी के लिए बनाया था शहर
चंडीगढ़ के निर्माता ली कार्बूजिए के ओरिजनल प्लान के अनुसार शहर को दो फेज में बांटा गया था और इसे कुल पांच लाख लोगों के लिए बनाया गया था। पहले फेज में सेक्टर-1 से सेक्टर-30 को रखा गया था और इसमें डेढ़ लाख लोगों को बसाने की योजना थी। दूसरे फेज में सेक्टर-31 से सेक्टर-47 को रखा गया और यहां साढ़े तीन लाख लोगों को बसाने की योजना बनाई गई थी। पहले फेज के सेक्टरों में कम ऊंचाई वाले मकान बनाए गए थे, जबकि दूसरे फेज के सेक्टरों में चार मंजिला अपार्टमेंट्स बनाए गए। हालांकि आज चंडीगढ़ में पेरी फेरी में ही लाखों लोग रहते हैं। प्रशासन ने अनुसार वर्तमान में चंडीगढ़ की जनसंख्या 12 से 13 लाख के बीच है।
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रोजगार... स्टार्टअप से बढ़ रहा शहर के युवाओं का जज्बा
प्रशासन शहर में न्यू ऐज बिजनेस को बढ़ावा दे रहा है। नतीजतन, चंडीगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में करीब 20 फीसदी स्टार्टअप बढ़े हैं। इनमें सबसे ज्यादा आईटी, हेल्थकेयर, एजुकेशन, फूड, एप्लीकेशन डेवलपमेंट, व्यावसायिक सहायता सेवाएं, आईटी परामर्श व अन्य क्षेत्र से संबंधित हैं। शहर में बड़े उद्योग भले पलायन कर रहे हैं लेकिन युवा उद्यमी चंडीगढ़ की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। यही कारण है कि वर्ष 2018 में स्टार्टअप इंडिया के शुरू होने के बाद शहर में वर्तमान में 200 के करीब स्टार्टअप काम कर रहे हैं। अहम बात यह है कि 35 से 45 प्रतिशत स्टार्टअप ऐसे हैं, जिनके नेतृत्व टीम में एक महिला उद्यमी हैं। चंडीगढ़ में अलग-अलग चरणों में 800 के करीब स्टार्टअप हैं।

पर्यटन...पर्यटन को बढ़ाने के लिए बदल रहा नजरिया
चंडीगढ़ की बनावट व खूबसूरती का हर कोई कायल है। इसी को देखते हुए शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई पहल किए जा रहे हैं। सिंगल विंडो सिस्टम किया जा रहा है, ताकि एक ही जगह से सभी पर्यटन स्थलों की टिकट, बोटिंग, फिल्मों की शूटिंग आदि की इजाजत मिल सके। विरासती स्थलों से स्कूली बच्चों को जोड़ा जा रहा है। रॉक गार्डन में गाइड की व्यवस्था की जाएगी। फ्रांस व अन्य यूरोपीय देशों में प्रचार प्रसार किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग चंडीगढ़ दर्शन करें। विभाग तीन नवंबर तक लोगों से पूछ रहा है कि उन्हें क्या-क्या पसंद है। उसके अनुसार ही भविष्य में कार्यक्रम कराए जाएंगे। ये फॉर्म पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

शिक्षा...इंजीनियरिंग व मेडिकल क्षेत्र में चंडीगढ़ की अलग पहचान
चंडीगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा नाम है। यह शहर लगातार शिक्षा में अपना दायर बढ़ा रहा है। यहां मेडिकल से लेकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई बड़े स्तर पर होती है। यहां 11 राज्यों के तीन लाख से अधिक विद्यार्थी शिक्षा पा रहे हैं। आर्किटेक्ट, कानून, टूरिज्म, मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए भी हर साल 30 से 40 हजार विद्यार्थी इन क्षेत्रों में भाग्य आजमा रहे हैं। पंजाब विश्वविद्यालय, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, पीजीआई, मेडिकल कॉलेज देश में अलग पहचान रखते हैं। पीयू के यूबीएस सेंटर के एमबीए की अलग पहचान है। वहीं कानून की पढ़ाई भी यहां से बेहतर होती है। कुल मिलाकर चंडीगढ़ शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बन गया है।

स्वास्थ्य
महामारी के दौरान सरकार के निर्देश पर पीजीआई को कोविड डेडिकेटेड अस्पताल बनाने का निर्देश मिला, जिसे बखूबी पूरा करते हुए चंडीगढ़ में कोरोनाग्रस्त 7208 मरीजों को भर्ती कर इलाज की सुविधा मुहैया कराई गई। पीजीआई में कई बड़ी योजनाएं पूरी होने से मरीजों को उच्च श्रेणी की चिकित्सा सेवा उपलब्ध होगी। इनमें 300 बेड का मदद एंड चाइल्ड केयर सेंटर, फिरोजपुर सैटेलाइट सेंटर, संगरूर सैटेलाइट सेंटर, ऊना सैटेलाइट सेंटर व हिमाचल और पंजाब में स्वीकृत तीन सैटेलाइट सेंटर शामिल हैं। पीजीआई में निर्माणाधीन 300 बेड के एडवांस न्यूरोसाइंस सेंटर की सुविधा 2022 में मिलने लगेगी। वहीं दूसरी तरफ जीएमसीएच- 32 में 300 बेड के ट्रामा सेंटर और 300 बेड के मदर चाइल्ड केयर सेंटर का भी निर्माण दो से तीन साल के बीच पूरा कर लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के तहत जीएमएसएच-16 में 300 बेड के मदर चाइल्ड केयर सेंटर का निर्माण भी शीघ्र शुरू होने वाला है।

एक नजर मरीजों पर
राज्य               मरीज         

पंजाब              1087420       
चंडीगढ़            546468         
हरियाणा           541764           
हिमाचल प्रदेश     359273         
उत्तर प्रदेश         133554           
जम्मू कश्मीर       74131           
अन्य राज्य         91970
 

हमारे खिलाड़ी...

अंजुम मोदगिल- टोक्यो ओलंपिक में भारत को पहला कोटा दिलाने वाली शहर की पहली महिला शूटर हैं। भले ही अंजुम टोक्यो ओलंपिक में महज 4 अंक से फाइनल राउंड में पहुंचने से चूक गई थीं, लेकिन उनके हौसले में कमी नहीं आई। उनका कहना है कि ओलंपिक में खेलने का सपना हर खिलाड़ी देखता है, लेकिन वहां तक पहुंचना आसान नहीं होता। मुझे गर्व है कि उस प्लेटफॉर्म तक पहुंची।

रोहित चमोली- कुक के बेटे रोहित चमोली ने सितंबर माह में चंडीगढ़ का नाम रोशन किया। उन्होंने दुबई में आयोजित एशियन यूथ एंव जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 48 किलो भार वर्ग के फाइनल में भारत की ओर से खेलते हुए मंगोलिया केओटगेनबयार तुबश्जिया को 3-2 से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। रोहित अभी 16 वर्ष के हैं और सेक्टर -16 के सरकारी स्कूल से दसवीं की कक्षा पास की हैं।

गनीमत सेखों - शहर की स्टार शूटर गनीमत सेखों ने इसी महीने पेरू की राजधानी लीमा में चल रही आईएसएसएफ जूनियर विश्व शूटिंग चैंपियनशिप में विभिन्न इवेंट में दो पदक जीते हैं। स्कीट निशानेबाजी स्पर्धा के टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीता। स्कीट निशानेबाजी स्पर्धा के एकल वर्ग में रजत पदक भी जीता। नवंबर से वह सीनियर वर्ग में खेलेंगी। जूनियर वर्ग में गनीमत देश और विदेशों में पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर रही हैं।

संदेश झिंगन- संदेश झिंगन दो महीने पहले एआईएफएफ फुटबॉलर ऑफ द ईयर 2020-21 का अवार्ड जीत चुके हैं। यह पहली बार था जब किसी सेंट्रल डिफेंडर खिलाड़ी को इस खिताब से नवाजा गया। झिंगन वर्ष 2014 में उन्हें इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर का पुरस्कार भी मिल चुका है वर्ष 2020 में फुटबॉल में बेहतर प्रदर्शन के लिए अर्जुन अवार्ड पा चुके हैं। वर्ष 2014 में अंडर 23 टीम में जगह बनाई और वर्ष 2015 में भारतीय सीनियर फुटबॉल टीम में शामिल हुए।

चुनौतियां...

1. डंपिंग ग्राउंड
डड्डूमाजरा समेत शहर के लोगों के लिए डंपिंग ग्राउंड किसी नासूर से कम नहीं। लोगों को उम्मीद थी कि 18 माह में डंपिंग ग्राउंड को हटा दिया जाएगा, जिससे लोगों को साफ हवा मिलेगी, लेकिन कचरे का एक पहाड़ तो हटा नहीं, दूसरा खड़ा हो गया है।
2. यातायात की समस्या
वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ ही सड़कों पर दबाव भी बढ़ गया है। सुबह और शाम को कुछ प्रमुख चौराहों पर जाम की बात आम हो चुकी है। इसमें फंसकर लोगों का भी रोजाना बुरा हाल होता है। आलम ये है कि कुछ साल पहले तक जो सड़कें सुनसान रहती थीं, अब वहां जाम लगने लग गया है।
3. अतिक्रमण
अतिक्रमण के मामले में नगर निगम और प्रशासन पूरी तरह फेल रहे हैं। बाजारों में दुकानदारों ने गलियारों पर कब्जा कर रखा है। शाम को स्थिति खराब हो जाती है। त्योहारों में स्थिति बद्तर हो जाती है। कर्मचारियों और दुकानदारों की साठगांठ से ये अतिक्रमण नहीं हट पा रहा है। हाईकोर्ट भी इस मामले में फटकार लगा चुका है।
4. सफाई व्यवस्था
स्वच्छता सर्वेक्षण में चंडीगढ़ को नंबर वन बनाने के दावे सिर्फ पोस्टर-बैनर तक ही सीमित हैं। सेक्टरों की स्थिति ठीक है लेकिन कालोनी और गांव में हालात बेहद खराब है। न सफाई कर्मचारी आते हैं, न ही कई जगह कूड़े के डब्बे रखे गए हैं। शहर में कई जगह छोटे-छोटे डंपिंग ग्राउंड बन गए हैं।
5. लटकते तार, जी का जंजाल
चंडीगढ़ को स्मार्ट सिटी का तमगा मिला हुआ है लेकिन इंडस्ट्रियल एरिया समेत शहर के प्रमुख बाजारों और कॉलोनियों में लटकते तार इस बात की गवाही दे रहे हैं कि स्मार्ट सिटी में सब कुछ व्यवस्थित नहीं है। सड़कों, खंभों और दीवारों से लटकते तार के गुच्छे शहर की सुंदरता पर भी धब्बा लगा रहे हैं।

चंडीगढ़ में काम करने का सपना था, स्थापना दिवस का गवाह बनकर यह पूरा हुआ: पुरोहित

प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने शहरवासियों को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि चंडीगढ़ में काम करना मेरा सपना था। चंडीगढ़ स्थापना दिवस का इस बार मैं भी गवाह बनूंगा। इस शहर में काम करने का मेरा भी सपना रहा है और यह सपना साकार भी हुआ। श्रेष्ठ फ्रांसीसी नगर रचनाकार ली कार्बूजिए द्वारा निर्मित चंडीगढ़ महानगर आधुनिकतम बनने के प्रयासों में जुटा हुआ है। इस प्रक्रिया के सभी प्रत्यक्षदर्शी और लाभार्थियों को भी इस दिवस की शुभकामनाएं। यह दिवस अपने आप को महानगर के प्रति हमारे प्यार और कर्तव्यों को स्मरण कराने का है। यह दिवस चंडीगढ़ को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने का बीड़ा उठाने का भी है।

कुछ समय में शहर को मैंने जाना है। यहां की जनता जागरूक है। वह हर कार्य में अपनी भागीदारी निभाती है। अब मेरी कोशिश है कि शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने वाली योजनाओं को धरातल पर उतारूं। जनता से जुड़ी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों को दिलाने का प्रयास है। योजनाओं में पारदर्शिता एक बड़ा मुद्दा है, इस पर काम करना है। स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में चंडीगढ़ बेहतर स्थिति में है। इन सेवाओं का और विस्तार करने की प्राथमिकता रहेगी।

शिक्षा के क्षेत्र में यहां के संस्थान नित नए आयाम गढ़ रहे हैं। रैंकिंग के मामले में हम आगे निकल रहे हैं और आगे भी शिखर पर रहने की कोशिश होगी। हमारा प्रयास सीधे जनता से संपर्क में रहने का होगा। जनता के हर सुझाव का हम दिल खोलकर स्वागत करेंगे। चंडीगढ़ के जागरूक लोगों को मेरी ओर से चंडीगढ़ के स्थापना दिवस की फिर से बधाई।
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चंडीगढ़ का प्रतिनिधित्व करना, मेरे लिए गर्व

स्थापना के 55 साल बाद भी ये शहर जवां है। शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल समेत हर क्षेत्र में चंडीगढ़ ने नए आयाम गढ़े हैं। यहां की जनता जागरूक है। हर मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखती है। चंडीगढ़ के लोगों का प्रतिनिधित्व कर रही हूं, ये मेरे लिए सौभाग्य की बात है। शहर की विरासत और इसकी चमक को बरकरार रखने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार बढ़ाया जा रहा है। नए स्कूल खोले जा रहे हैं। कुछ सालों में कई स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, कम्यूनिटी सेंटर बनाए गए हैं। चंडीगढ़ के लोगों को मेरी ओर से बधाई। - किरण खेर, सांसद

55वें जन्मदिवस के हम साक्षी हैं, गर्व का क्षण
इस जन्मदिवस पर हम साक्षी के तौर पर मौजूद हैं। यह हमारे लिए गर्व का क्षण है। समय के साथ शहर की तस्वीर बदली है। विकास कार्यों से चंडीगढ़ ने नए आयाम छुए हैं। हरियाली के साथ लोगों की जरूरत के अनुसार मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यह दिखाता है कि यहां के लोग शहर की खूबसूरती से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करना चाहते हैं। अनेकता में एकता ही इस शहर की विशेषता है। - रविकांत शर्मा, मेयर

चंडीगढ़ को बनाया जाएगा क्लीन, ग्रीन और स्मार्ट सिटी
स्थापना दिवस की चंडीगढ़ वासियों को शुभकामनाएं। प्रशासन का पूरा ध्यान चंडीगढ़ को क्लीन, ग्रीन और स्मार्ट सिटी बनाने पर है। इस संबंध में जो भी परियोजनाएं चल रही हैं, उनकी समीक्षा मैं लगातार कर रहा हूं। शहर की विरासत को संरक्षित करने और उसे संवारने का काम भी कर रहे हैं। गांवों के विकास के लिए कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। प्रशासन की कुछ दूरगामी योजनाएं भी हैं। आने वाले कुछ सालों में शहर को शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यावसायिक, आईटी और साइबर सिक्योरिटी का क्षेत्रीय हब बनाया जाएगा। - धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक

स्वास्थ्य सुविधाओं में चंडीगढ़ नंबर-एक
चिकित्सा के क्षेत्र में चंडीगढ़ देश मेंशीर्ष पर है। पीजीआई जैसे चिकित्सा संस्थान में प्रतिवर्ष 30 से 32 लाख मरीज इलाज कराने आ रहे हैं। चंद विभागों के साथ शुरू हुए पीजीआई में 48 विभाग जुड़ चुके हैं। पीजीआई ने चंडीगढ़ के हिस्से एनआईआरएफ की रैंगिंग में लगातार दूसरे स्थान पर कब्जा करके गौरव प्रदान किया है। वहीं अंगदान में चंडीगढ़ चार सालों से लगातार पहले स्थान पर है। अकेले पीजीआई में कई बड़ी योजनाएं पूरी होने से मरीजों को उच्च श्रेणी की चिकित्सा सेवा उपलब्ध होगी। - प्रो. जगतराम, पूर्व निदेशक, पीजीआई 
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