पंजाब के विभिन्न थर्मल प्लांटों की छह यूनिट रविवार को बंद रहीं। इससे 2260 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप रहने से पावरकॉम को अधिकतम मांग को पूरा करने के लिए बाहर से बिजली की खरीद करनी पड़ी। रविवार को अधिकतम मांग 7411 मेगावाट रही जबकि इसके मुकाबले पावरकॉम के पास करीब 3374 मेगावाट की बिजली उपलब्धता रही। उधर, थर्मल प्लांटों में कोयले का संकट भी अभी बना है।
रविवार को रोपड़ थर्मल प्लांट के 210-210 मेगावाट की दो यूनिट, लहरा मुहब्बत की 210 मेगावाट की एक यूनिट, 700 मेगावाट की क्षमता का राजपुरा प्लांट की एक यूनिट, 660 मेगावाट की तलवंडी साबो की एक यूनिट और गोइंदवाल प्लांट की 270 मेगावाट की एक यूनिट बंद रही। यह यूनिट रिपेयर व तकनीकी खराबी के चलते बंद हैं। इन यूनिटों के बंद होने से 2260 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप रहा।
उधर, पंजाब में दिन के समय कड़ी धूप के चलते तापमान में वृद्धि दर्ज होने से बिजली की मांग बढ़ रही है। रविवार को भी पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 7411 मेगावाट रही। जबकि पावरकॉम को अपने रोपड़ व लहरा थर्मल प्लांट से करीब 875 मेगावाट, प्राइवेट थर्मल प्लांट राजपुरा, तलवंडी साबो व गोइंदवाल से कुल 1954 मेगावाट, हाइडल प्रोजेक्ट से 464 मेगावाट समेत अन्य स्रोतों से कुल 3374 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई। ऐसे में पावरकॉम को बिजली की मांग को पूरा करने के लिए बाहर से करीब 4000 मेगावाट बिजली की खरीद करनी पड़ी। यह बिजली पावरकॉम को साढ़े पांच रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से मिली।