पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार के छह माह पूरे हो गए हैं। छह माह के कार्यकाल में मान सरकार ने कई बड़े एलान किए हैं। घोषणा पत्र को आधार बनाकर सरकार ने कुछ वादे पूरे किए, अब आगे कई चुनौतियां हैं। एक माह में 300 यूनिट मुफ्त बिजली और वन एमएलए वन पेंशन जैसी घोषणाओं को सिरे चढ़ाकर सरकार ने विपक्ष का मुंह तो बंद कर दिया, लेकिन वित्तीय बोझ की चुनौती से उबरना अभी बाकी है। खाली खजाने और बढ़ते कर्ज के बीच महिलाओं को अभी भी खातों में हर माह 1000 रुपये आने का इंतजार है।
पंजाब के खजाने की खस्ता हालत से निपटने के लिए सरकार के एक्सपर्ट अधिकारियों की टीम लगी है। टीम ने आबकारी पॉलिसी और अन्य स्थानीय संसाधनों से राजस्व बढ़ाने की पहल तो की है, लेकिन खाली खजाने का संकट आ ही जाता है। कर्मचारियों का वेतन देने के लिए सरकार को अभी भी खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।
खनन, आबकारी, परिवहन सरकार की आय के मुख्य स्रोत हैं। इसके अलावा सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा कर पैसा बचाने की कोशिश कर रही है। छह माह में विजिलेंस की ओर से दर्ज किए गए मुकदमे इस बात का सबूत हैं कि सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसे किसी नेता को नहीं बख्शा, चाहे वह उनका अपना ही नेता क्यों न हो। आप विधायकों का यह मानना है कि सुशासन की शुरुआत घर से होती है इसीलिए पंजाब सरकार ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला का नाम भ्रष्टाचार में आते ही उन्हें पद से हटा दिया।
जनता से जुड़े बड़े फैसले
- सरकार का दावा है कि 6 माह में पंजाब में 20 हजार नई नौकरियां दी हैं।
- 26 हजार कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने की तैयारी, आठ हजार पक्के किए।
- पूर्व विधायकों को अब एक कार्यकाल की ही पेंशन मिलेगी।
अफसरों और नेताओं पर गाज
-भ्रष्टाचार केस में सेहत मंत्री विजय सिंगला को हटाया, गिरफ्तारी के बाद जमानत पर हैं।
-भ्रष्टाचार में ही पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु, साधु सिंह धर्मसोत और संगत सिंह गिलजियां पर कार्रवाई।
-भ्रष्टाचार में अधिकारियों पर भी गाज, आईएएस अधिकारी पोपली को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
जनहित के बड़े कदम
-पंजाब से दिल्ली एयरपोर्ट तक जाने के लिए सरकारी एसी वॉल्वो बसों की शुरुआत।
-विजिलेंस को ताकतवर बनाया, जिसके बाद आए दिन बड़े भ्रष्टाचारियों पर हो रहे केस दर्ज।
-यूनिवर्सिटी और कॉलेज अध्यापकों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिश लागू।