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पंजाब पुलिस ने हैकर गिरोह का किया पर्दाफाश, मुख्य प्रधान सचिव का फेसबुक किया था हैक

Wed, 06 Jan 2021 02:22 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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पंजाब पुलिस के साइबर क्राइम सेल ने मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव सुरेश कुमार के फेसबुक अकाउंट को हैक करने वाले छह हैकरों को राजस्थान और मध्य प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान नरिंदर सिंह, गुलाब सिंह, भाग सिंह और रमन (सभी राजस्थान) और दिनेश व राहुल (दोनों मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है। इस मामले में एक आरोपी अभी फरार है।

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इस संबंध में ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन के डायरेक्टर-कम-एडीजीपी अर्पित शुक्ला ने बताया कि ये सभी आरोपी पंजाब, हरियाणा और यूपी में गिरोह चलाते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई एटीएम कार्ड, नकदी, सिम और एक पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन बरामद की है। आरोपियों की तरफ से फेसबुक पर फर्जी अकाउंट बनाया गया था, जिसका नाम सुरेश नांगिया मुख्य प्रमुख सचिव/मुख्यमंत्री पंजाब रखा गया था। वह इस फर्जी अकाउंट द्वारा खुद को मुख्यमंत्री का मुख्य प्रधान सचिव बताकर लोगों से पैसे मांगने की धांधली कर रहे थे। 

उन्होंने बताया कि मुख्य प्रधान सचिव सुरेश कुमार के फेसबुक अकाउंट को हैक करने की जानकारी मिलने के बाद राज्य के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने तुरंत असिस्टेंट इंस्पेक्टर जनरल, स्टेट साइबर क्राइम इंदरवीर सिंह की निगरानी में इंस्पेक्टर गुरचरन सिंह, सब-इंस्पेक्टर आलमजीत सिंह सिद्धू और सब-इंस्पेक्टर गगनप्रीत सिंह के नेतृत्व वाली तीन टीमें गठित कीं और इन टीमों को जांच के लिए यूपी, राजस्थान और मध्य प्रदेश के लिए रवाना किया। 

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समूचे ऑपरेशन की निगरानी साइबर क्राइम के एआईजी (स्टेट) इंदरबीर सिंह और साइबर क्राइम के डीएसपी (स्टेट) समरपाल सिंह ने की। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में सब-इंस्पेक्टर विकास भाटिया ने भी अहम भूमिका निभाई। शुक्ला ने बताया कि छह साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी से फेसबुक हैकिंग, ओएलएक्स/बैंक धोखाधड़ी और अन्य साइबर क्राइम से संबंधित अपराधों से जुड़े अन्य मामलों को सुलझाने में सहायता मिलेगी। 

पांच राज्यों के साइबर अपराधियों की आपस में साठगांठ
एडीजीपी शुक्ला ने कहा कि मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान के साइबर अपराधी आपस में एक-दूसरे से जुड़े हैं और अलग-अलग राज्यों में अपनी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। आरोपी तीन राज्यों हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में धोखाधड़ी की गतिविधियों को अंजाम देते रहे हैं। इसके अलावा पुलिस टीम ने आरोपी नरिंदर सिंह का पता लगाया है, जिसके खाते में गैर-कानूनी पैसा जमा किया गया था और उसे राजस्थान के भरतपुर से गिरफ्तार किया गया है। 

नकली दस्तावेजों से खोलते थे बैंक खाते
शुक्ला ने बताया कि जांच से गिरोह के एक और सदस्य गुलाब सिंह को पकड़ा गया। इससे इस क्षेत्र में एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ, जहां अलग-अलग लोगों से एटीएम कार्ड किराए पर लेकर या नकली पहचान पत्रों द्वारा बैंक खाते खोलने का धंधा चलता था। इन बैंक खातों को अलग-अलग घोटालों जैसे ओएलएक्स, फेसबुक, सेक्स घोटाले और किसी भी किस्म के नाजायज पैसे या धोखाधड़ी से कमाए गए पैसे को रखने में इस्तेमाल किया जाता था। पूरे रैकेट में कुछ बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
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