कांग्रेस भवन में शुक्रवार को अध्यक्ष पद पर ताजपोशी के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू ने जो तेवर दिखाए और जिस तरह अपनी ही पार्टी के विधायक दल के नेता की अनदेखी की, उसने सिद्धू और कैप्टन के बीच की दूरी और बढ़ा दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में सिद्धू से जिस शालीनता की उम्मीद की जा रही थी, उसके विपरीत सिद्धू अपने भाषण में ज्यादातर समय अपनी ही पार्टी के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की नाकामियां गिनाने में व्यस्त रहे। इस दौरान वे भूल गए कि मंच से कहा गया उनका प्रत्येक शब्द उन्हीं की कांग्रेस पार्टी को कमजोर दिखा रहा है। इनमें वे वादे भी शामिल थे जिन्हें, कैप्टन सरकार पूरा नहीं कर सकी है।
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सिद्धू फिर बेअदबी, ड्रग माफिया, खनन माफिया, ट्रांसपोर्ट माफिया जैसे मुद्दों को लेकर कैप्टन से सवाल कर सकते हैं। ये सवाल सिद्धू और कैप्टन के बीच किसी अंदरूनी बैठक में उठाए जाएंगे तो विचार-विमर्श का हिस्सा माने जाएंगे, लेकिन अगर सिद्धू ने पहले की तरह सार्वजनिक मंच से ये मुद्दे उठाए तो प्रदेश कांग्रेस की किरकिरी होना तय है।
कारण कि राज्य में कांग्रेस पार्टी की सरकार है और सिद्धू उस पार्टी के प्रदेश प्रधान जो हैं। हालांकि सिद्धू के लिए यह समय आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करने का है, लेकिन माना जा रहा है कि कैप्टन के प्रति अपने रवैये के चलते वे कैप्टन का साथ और उनकी सलाह लेने को तैयार नहीं होंगे।
इस बीच, शनिवार को सिद्धू के ताजपोशी समारोह वाले भाषण का विरोध भी शुरू हो गया है। इसमें पहला बयान कैप्टन खेमे के विधायक राजकुमार वेरका का आया है। कैप्टन के प्रति सिद्धू के व्यवहार की उन्होंने कड़ी आलोचना की है। वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ के तेवर में शनिवार को भी कोई फर्क नजर नहीं आया।
उन्होंने कैप्टन सरकार के चार कैबिनेट मंत्रियों, जोकि सिद्धू का साथ देते रहे हैं, को निशाने पर लेने के साथ-साथ यह कहकर नया विवाद खड़ा कर दिया कि कांग्रेस के कुछ मंत्री अकाली दल और आप सुप्रीमो के संपर्क में हैं और पाला बदल सकते हैं। जाखड़ के इस बयान ने साफ कर दिया है कि पंजाब कांग्रेस में अब कुछ भी सही नहीं चल रहा। पार्टी के नए अध्यक्ष युवा विधायकों और नेताओं को साथ लेकर अपना गुट बना रहे हैं, जबकि सीनियर नेता कैप्टन के साथ जुड़े हुए हैं। ऐसे में तालमेल होने पर संशय है।
सिद्धू का रोड शो, किसानों ने किया विरोध
ताजपोशी से अगले ही दिन शनिवार को श्री चमकौर साहिब विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू का पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। वहीं, रोड शो के दौरान सिद्धू को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। सबसे पहले सिद्धू कैबिनेट मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी के घर पहुंचे। यहां कुलजीत नागरा भी मौजूद रहे।
सिद्धू ने दरगाह पर माथा टेका ओर मोरिंडा में रोड शो शुरू किया। जब काफिला श्री चमकौर साहिब की तरफ रवाना हुआ तो गांव कलारां में किसानों ने सिद्धू का विरोध किया गया। काफिले में शामिल गाड़ियों को काली झंडियां दिखाकर नारेबाजी की गई। सिद्धू की गाड़ी पर काली झंडियां तक मारी गईं।
वहीं, सिद्धू ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा वह किसानी मुद्दों पर अपनी आवाज उठाएंगे और किसानों से बात करने के लिए नंगे पैर जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा संविधान के जज्बे को मजबूत कर रहा है और एक धागे में सभी को लगाकर परिवार की एकता बनाने वाला है। सिद्धू ने कहा कि किसान मोर्चा उनके लिए किसी पुण्यस्थली से कम नहीं है।