अकाली दल के कद्दावर नेता और लोकसभा के डिप्टी स्पीकर रहे चरणजीत सिंह अटवाल के बेटों इंदर सिंह अटवाल और जसजीत सिंह अटवाल समर्थकों संग रविवार को भाजपा में शामिल हो गए। अटवाल केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, गुजरात के पूर्व सीएम विजय रूपाणी और पार्टी महासचिव तरुण चुघ की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए।
उपचुनाव से पूर्व अकाली नेताओं का भाजपा में शामिल होना अकाली दल के लिए बड़ा झटका है। चरणजीत सिंह अटवाल अकाली दल के इकलौते सबसे बड़ा दलित सिख चेहरा रहे हैं। बीते लोकसभा चुनाव में वह 20 हजार मतों के मामूली अंतर से कांग्रेस के संतोख चौधरी से हार गए थे। अटवाल अकाली दल में अपनी अनदेखी से अरसे से नाराज चल रहे थे। अब भाजपा उनके पुत्र इंदर को उपचुनाव में उम्मीदवार बनाएगी।
पीएम की नीतियों से प्रभावित हो कर आया
इंदर इकबाल ने भाजपा में शामिल होने के बाद कहा कि वह पीएम मोदी की नीतियों से प्रभावित हो कर यहां आए हैं। पीएम ने दलितों, सिखों और गरीबों को पूरा सम्मान दिया है। सिख श्रद्धालुओं के लिए करतारपुर कॉरिडोर खोल कर ऐतिहासिक काम किया। आंबेडकर की 125वीं पुण्यतिथि पर संसद का विशेष सत्र बुलाया। पहली बार संयुक्त राष्ट्र में आंबेडकर का जन्मदिन मनाया गया। उन्होंने कहा, मैं बतौर भाजपा का सिपाही पार्टी में दलितों के उत्थान के लिए काम करूंगा।
पंजाब में मजबूत टीम हो रही तैयार
अकाली दल से नाता टूटने के बाद से भाजपा राज्य में अपने दम पर ताकत बनने की कोशिश कर रही है। इस क्रम में पार्टी धीरे-धीरे दूसरे दलों के कद्दावर नेताओं के सहारे मजबूत टीम बना रही है। बीते एक साल में पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनका परिवार, जयवीर शेरगिल, पूर्व सांसद सुनील जाखड़, गुरमीत सिंह सोढ़ी, अमनजोत कौर रामूवालिया भाजपा में शामिल हुए हैं। इनमें से कई को पार्टी ने अहम जिम्मेदारी दी है।
कमजोर राज्यों पर ध्यान केंद्रित कर रही पार्टी
भाजपा उन राज्यों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां उसका प्रभाव कमजोर है। इस क्रम में पार्टी की निगाहें पंजाब, केरल, आंध प्रदेश, तमिलनाडु जैसे राज्यों पर है। पिछले हफ्ते कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी के पुत्र अनिल एंटनी, संयुक्त आंध्र प्रदेश के अंतिम सीएम किरण कुमार रेड्डी, देश के पहले गवर्नर जनरल सी राजगोपालाचारी के प्रपौत्र सीआर केसवन भाजपा में शामिल हुए। अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता डॉ मैत्रयेन के भी जल्द भाजपा में शामिल होने की चर्चा है।