शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर बादल 28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नए संसद भवन का उद्घाटन करने के लिए आयोजित समारोह में शामिल होंगे। शिअद के वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि नए संसद भवन का उद्घाटन गर्व का क्षण है और इस अवसर का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। चीमा ने आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने का फैसला किया है।
चीमा ने कहा कि आप इस मुद्दे को राष्ट्रपति के सम्मान के रूप में पेश कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के मन में प्रथम नागरिक के लिए कितना सम्मान है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है, जब उन्होंने राज्य का दौरा किया था तो उन्होंने उनका स्वागत तक नहीं किया था। उन्होंने कहा, ‘हमने देखा है कि मुख्यमंत्री कई मौकों पर राष्ट्रपति द्वारा नामित पंजाब के राज्यपाल का कितना सम्मान करते हैं।’ डॉ. चीमा ने कहा कि लोग इस बात से भी वाकिफ हैं कि कांग्रेस पार्टी का संविधान के प्रति कितना सम्मान था जब पार्टी ने कठोर इमरजेंसी लागू कर नागरिक अधिकारों को कुचल दिया था।
भगवंत मान ने उद्घाटन में हिस्सा नहीं लेने का किया एलान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नई दिल्ली में नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेने से इन्कार कर दिया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को ट्वीट किया कि नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति के हाथों होना चाहिए था लेकिन मोदी सरकार ने राष्ट्रपति को उद्घाटन तो दूर उन्हें इस समारोह में आमंत्रित तक नहीं किया है। उन्होंने ट्वीट में लिखा- ‘जब भी संसद का सत्र बुलाया जाता है तो राष्ट्रपति प्रत्येक सांसद को सत्र में हाजिर होने के लिए आमंत्रण पत्र भेजते हैं... लेकिन नए संसद भवन का उद्घाटन कराना तो दूर की बात है, उन्हें बुलाया ही नहीं गया... अगर राष्ट्रपति उद्घाटन करते तो जरूर जाते लेकिन अब नहीं जाएंगे...।