भारत निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2022 में पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने वाले सात उम्मीदवारों को आयोग्य घोषित किया है। पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने बताया कि आयोग की ओर से समय-समय पर जारी आदेश का इन उम्मीदवारों ने पालन नहीं किया। इस पर यह कार्रवाई की गई है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने बताया कि इन उम्मीदवारों ने जन प्रतिनिधि एक्ट, 1951 के सेक्शन 78 के अनुसार निश्चित समय-सीमा के अंदर अपने चुनाव खर्चे का विवरण आयोग के पास जमा नहीं करवाया। जिस कारण जन प्रतिनिधि एक्ट, 1951 के सेक्शन 10 ए अनुसार अगले 3 साल तक इन उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के अयोग्य करार दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इन सात उम्मीदवारों में मालेरकोटला और फाजिल्का जिलों के दो-दो उम्मीदवार और मानसा के तीन उम्मीदवार शामिल हैं। मानसा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले जीवन दास बावा, तरुणवीर सिंह आहलुवालिया और वैद्य बलवंत को अयोग्य करार दिया गया है।
इसी तरह 24 जनवरी 2024 को हुए आदेश में फाजिल्का जिले की जलालाबाद विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले बलजीत सिंह और बल्लूआना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले पृथ्वी राम मेघ को भी अयोग्य घोषित किया गया है। सिबिन सी ने आगे बताया कि 29 जनवरी 2024 के आदेश अनुसार मालेरकोटला जिले की मालेरकोटला विधानसभा सीट से उम्मीदवार धर्मेंद्र सिंह और अमरगढ़ सीट से उम्मीदवार सतवीर सिंह शिरा बनभौरा को भी भारतीय चुनाव आयोग ने अगले तीन साल तक चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित किया है।