हाईकोर्ट ने कहा कि कुलतार सिंह को ट्रायल कोर्ट ने फरवरी 2020 में दोषी करार देते हुए 8 वर्ष की सजा सुनाई थी। पूर्व एसएसपी के स्वास्थ्य की जांच के लिए गठित मेडिकल बोर्ड ने रिपोर्ट में उनके खराब स्वास्थ्य की जानकारी दी है।
2004 में एक ही परिवार के पांच लोगों को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के दोषी पूर्व एसएसपी कुलतार सिंह की सजा को खराब स्वास्थ्य की रिपोर्ट के आधार पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुवार को निलंबित कर दिया।
विज्ञापन
2004 में अमृतसर के एक परिवार के पांच लोगों ने आत्महत्या कर ली थी। परिवार ने आत्महत्या से पहले घर की दीवार पर कुलतार सिंह का नाम लिखा था। जब केस चला तो कुलतार सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी के 19 वारंट जारी हुए। उनके खिलाफ जमा सुबूत कोर्ट पहुंचने से पहले ही गायब हो चुके हैं। जो रिकॉर्ड पुलिस के पास था उसे भी जला दिया गया था। इस पूरे मामले में ट्रायल कोर्ट ने फरवरी 2020 में कुलतार सिंह को दोषी करार दते हुए 8 वर्ष की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ कुलतार सिंह की अपील लंबित है।
अब कुलतार सिंह ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए सजा को निलंबित करने की मांग की थी। याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि कुलतार सिंह को ट्रायल कोर्ट ने फरवरी 2020 में दोषी करार देते हुए 8 वर्ष की सजा सुनाई थी। पूर्व एसएसपी के स्वास्थ्य की जांच के लिए गठित मेडिकल बोर्ड ने रिपोर्ट में उनके खराब स्वास्थ्य की जानकारी दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कुलतार सिंह की आयु अब 76 वर्ष की है और वह गंभीर बीमारियों से ग्रसित है। वह खुद अपने काम करने की स्थिति में नहीं है। हाईकोर्ट ने इस रिपोर्ट को आधार बनाते हुए सजा के खिलाफ उसकी अपील लंबित रहते सजा को निलंबित कर दिया।