हरियाणा सरकार अपने वर्तमान कानूनों में सुधार और संशोधन करने जा रही है। सिस्टम को और दुरुस्त करने के लिए सरकार ने हरियाणा राज्य द्वितीय विधि आयोग गठित किया है। आयोग वर्तमान में लागू कानूनों की समीक्षा कर नए तर्कसंगत कानून बनाने का काम करेगा, जिससे कि लोगों को जल्दी न्याय मिले।
सरकार ने राज्यपाल की मंजूरी से आयोग के गठन की अधिसूचना जारी कर चेयरमैन व सदस्यों की नियुक्ति कर दी है। उड़ीसा हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश हरजिंदर सिंह भल्ला को आयोग का चेयरमैन, सेवानिवृत्त सेशन जज कमलकांत व एडवोकेट मुकेश गर्ग को सदस्य बनाया गया है। कमलकांत अंबाला शहर व मुकेश गर्ग यमुनानगर के रहने वाले हैं। गजट अधिसूचना के अनुसार अभी आयोग को पार्ट टाइम सदस्यों के अलावा सदस्य सचिव की नियुक्ति की जानी है।
26 मई की अधिसूचना के अनुसार चेयरमैन व दो सदस्यों के नियुक्ति नियम व शर्तें जल्द ही जारी की जाएंगी। आयोग का मुख्यालय चंडीगढ़ या पंचकूला में होगा। आयोग का कार्यकाल तीन साल के लिए होगा व सरकार इसे समय-समय पर आगे बढ़ा सकती है। पार्ट टाइम सदस्यों में वही नियुक्त होंगे जिन्हें सामाजिक कार्य, स्वास्थ्य, मनोविज्ञान, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, समाज विज्ञान, समाज शास्त्र, विधि व अपराध शास्त्र के क्षेत्र में काम करने का अनुभव होगा। सदस्य सचिव के पद पर एचसीएस न्यायिक व कार्यकारी सेवा में दस वर्ष का अनुभव रखने वाले अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा। प्रशासनिक शक्तियां उन्हीं के पास रहेंगी।
आयोग राज्य के सभी वर्तमान कानूनों का आकलन कर वर्तमान परिस्थितियों के हिसाब से सरल कानून बनाने की दिशा में काम करेगा। उन कानूनों की समीक्षा बेहद गहन तरीके से की जाएगी जो गरीब व आर्थिक रूप से गरीब लोगों को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसा करते समय सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों को ध्यान में रखा जाएगा। इसके साथ ही उन निर्णयों का भी अध्ययन किया जाएगा, जिनके अनुसार कानूनों में विसंगतियां पैदा हुई हैं और कुछ कानून तर्कसंगत नहीं रह गए हैं।
आयोग तर्कसंगत नहीं रह गए कानूनों को खत्म करने व न्याय प्रशासन में सुधार को लेकर भी अपनी सिफारिशें देगा। समाज में सामाजिक, आर्थिक व वित्तीय परिवर्तन लाने वाले नए कानून भी आयोग सरकार को सुझाएगा। आयोग को पूरा स्टाफ सरकार मुहैया कराएगी।