फरवरी के आखिर तक शहर में ई-रिक्शा के लिए नई पॉलिसी बन जाएगी। प्रशासन ई-रिक्शा के लिए नियम-कायदे और रूट भी तय करेगा। उसके बाद ई-रिक्शा अपनी मनमर्जी से नहीं चल सकेंगे। सोमवार को हुई रोड सेफ्टी की मीटिंग में ई-रिक्शा पॉलिसी समेत कई अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।
परिवहन सचिव विक्रम देव दत्त ने मीटिंग की अध्यक्षता की। हालांकि एडवाइजर विजय कुमार देव को मीटिंग की अध्यक्षता करनी थी, लेकिन वह शहर से बाहर थे और पहले भी उनके बाहर होने के कारण मीटिंग को टाल दिया था, जिस कारण सोमवार को उनकी अनुपस्थिति में ही मीटिंग करनी पड़ी।
मीटिंग के एजेंडे में पहली बार स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा का मामला भी शामिल किया गया, जिसमें स्कूल बसों केमामले में बाल अधिकार सुरक्षा आयोग की जांच रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई।
आयोग बसों की नियमित जांच-पड़ताल कर रहा है। बसों में सीसीटीवी, लेडी अटेंडेंट, स्टाफ की पुलिस जांच और बस के पूरे दस्तावेज संबंधी जांच नियमित जारी रखने पर सहमति बनीं। पिछले दिनों प्रशासन ने स्कूल बसों में सीसीटीवी और जीपीएस लगाना अनिवार्य कर दिया था। इसकेबाद भी कुछ स्कूल मनमानी कर रहे हैं।
ट्रैफिक से जुड़े 13 महत्वपूर्ण प्वाइंट्स पर भी मीटिंग में चर्चा हुई। शहर में सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए नए तरीके खोजे जाएंगे। इसकेअलावा कार फ्री डे और सम-विषम फॉर्मूले की तैयारियों पर भी अधिकारियों ने बातचीत की। सीटीयू को बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने के लिए किन चीजों पर काम करना है। यह भी अधिकारियों ने सुझाया। इस मीटिंग में परिवहन, इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर और पुलिस विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।