जिस बेरहमी से कुंडली बॉर्डर पर एक एससी युवक के हाथ-पैर काटकर कत्ल किया गया, यह तालिबानी बर्बरता जैसा है। यह बात शुक्रवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन विजय सांपला ने कही। आयोग ने घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए हरियाणा के डीजीपी से जवाब तलब किया है। इसके साथ ही उन्होंने डीजीपी से दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने को भी कहा।
एक बयान में सांपला ने कहा कि कुंडली बॉर्डर पर लखबीर सिंह की हत्या के वायरल वीडियो देखने के बाद लगता है कि कुंडली बॉर्डर पर बैठे आंदोलनकारियों-किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं को कानून का कोई डर नहीं है। गलती कितनी भी बड़ी हो, पर किसी आरोपी को जान से मारने का हक नहीं है।
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उन्होंने कहा कि वीडियो में साफ है कि कुंडली बॉर्डर के मंच के पास इस पंजाबी एससी युवक को मारने के बाद लटकाया हुआ है। यह कोई साधारण मंच नहीं, बल्कि आंदोलन का मुख्य मंच है, जहां 24 घंटे किसान संगठनों के प्रमुख नेता-कार्यकर्ता सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। सांपला ने कहा कि हैरानी की बात है कि उसी मंच के पास उसे मारा गया, मारकर लाया गया और फिर रस्सी से बांधकर उलटा लटकाया गया, लेकिन किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं को इसका पता नहीं चला।
सांपला ने आगे कहा कि छोटी-छोटी बातों पर तुरंत प्रेस बयान जारी करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं को इस हत्या पर टिप्पणी करने के लिए कई घंटों बाद दोपहर तीन बजे पत्रकारवार्ता करने का समय मिला।उन्होंने कहा कि प्रेस कान्फ्रेंस में किसान नेताओं ने माना कि तरनतारन का रहने वाला लखवीर उनके साथ रहता था। अगर इतनी जानकारी है तो उसकी बेरहमी से मारे जाने की घटना की बाकी जानकारी क्यों नहीं है। उन्होंने कहा कि शायद तरनतारन का रहने वाला मृतक लखवीर एससी से संबंधित था, इस कारण संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल बाकी संगठनों का इसका दर्द नहीं है।