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Chandigarh News: ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 16 अक्तूबर तक बढ़ी

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सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा की राज्यस्तरीय बैठक में लिया गया फैसला
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सभी जिलों और ब्लाकों में धरने और प्रदर्शन रहेंगे जारी
चंडीगढ़। हरियाणा में पिछले तीन दिन से ग्रामीण सफाई कर्मियों की हड़ताल 16 अक्तूबर तक जारी रहेगी। अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलकर बैठे सफाई कर्मी हड़ताल को जारी रखते हुए ब्लॉक एवं जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन जारी रखेंगे। उक्त निर्णय राज्य प्रधान देवीराम की अध्यक्षता में गत रात हुई ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा (सीटू) की आपातकालीन राज्य कमेटी बैठक में लिया गया। बैठक में सभी जिलों के प्रधान, सचिव और राज्य कमेटी सदस्य व अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा (सीटू) के महासचिव विनोद कुमार ने कहा कि पिछले तीन दिन से हरियाणा के 22 जिलों के 11 हजार ग्रामीण सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हड़ताली सफाई कर्मियों को किसान, मजदूर, कर्मचारी संगठनों, राजनैतिक दलों और सरपंच एसोसिएशन सहित चुने हुए प्रतिनिधियों का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। लेकिन सरकार ने अभी तक वार्ता की कोई पहल नहीं की।
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यूनियन महासचिव ने कहा कि हड़ताल से बाधित होने वाले सफाई कार्य से अगर सरकार बचना चाहती है तो अभी सरकार के पास समय है। वो वार्ता करके मांगों और समस्याओं का समाधान करे अन्यथा हरियाणा के 11 हजार ग्रामीण सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 16 अक्तूबर तक हड़ताल को जारी रखते हुए सभी ब्लॉक, जिला मुख्यालयों पर धरने, प्रदर्शन जारी रहेंगे।

ये हैं मुख्य मांगें
विधानसभा में पॉलिसी बनाकर सफाई कर्मियों को पक्का किया जाए।

सभी ग्रामीण सफाई कर्मियों को बीडीपीओ के पे-रोल पर लिया जाए।

हरियाणा रोजगार कौशल निगम को भंग किया जाए और सफाई कर्मियों को पक्का किया जाए।
सभी सफाई कर्मियों के लिए 26000 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन लागू किया जाए।
2000 की बजाए 400 की आबादी पर एक कर्मचारी की स्थाई नियुक्ति करते हुए सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए।

डोर-टू-डोर के कर्मचारियों को ग्रामीण सफाई कर्मियों के बराबर वेतन व वर्दी भत्ता देकर पीएफ ईएसआई से जोड़ा जाए।

500 रुपये मासिक काम के औजारों का भत्ता और 500 रुपये मासिक वर्दी धुलाई भत्ता लागू किया जाए।
एक्सग्रेसिया नीति के तहत परिवार के सदस्य को काम पर रखा जाए।

दिवाली पर बोनस और कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षा भत्ता लागू किया जाए।
सौ-सौ गज के प्लाट, मकान बनाने के लिए अनुदान दिया जाए।
बेगार से बचाने के लिए काम की देखरेख के लिए सफाई कर्मियों में से शिक्षित कर्मियों को सुपरवाइजर लगाया जाए।
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