फर्जीवाड़ा रोकने के लिए काउंसिल ने 27 को बुलाई बैठक
चंडीगढ़। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए हरियाणा राज्य फार्मेसी काउंसिल ने बाहरी राज्यों से डिप्लोमा करने वाले छात्रों पर शिकंजा और कड़ा कर दिया है। सीबीआई और राज्य अपराध शाखा की जांच में 298 छात्रों की अंकतालिका फर्जी मिलने के बाद अब काउंसिल 700 और छात्रों का पंजीकरण रोकने की तैयारी हैं। इन छात्रों ने 12वीं की पढ़ाई टेक्निकल एजुकेशन बोर्ड छत्तीसगढ़ के विद्यालय और मध्य भारत ग्वालियर से दिखाई है, जबकि फार्मेसी में डिप्लोमा पंजाब स्टेट टेक्निकल एजुकेशन बोर्ड से किया है। इस संबंध में फैसला लेने के लिए 27 अक्तूबर को काउंसिल की बैठक बुलाई गई है।
गौरतलब है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मध्य भारत ग्वालियर से 12वीं करने वाले छात्रों की अंकतालिकाओं की जांच की थी और हरियाणा राज्य अपराध शाखा ने टेक्निकल एजुकेशन बोर्ड छत्तीसगढ़ के विद्यालय से पास आउट छात्रों की अंकतालिकाओं की जांच की थी। दोनों एजेंसियों ने जांच में अंकतालिकाओं को फर्जी पाया। इसमें हरियाणा में पंजीकरण के लिए आवेदन करने वाले 298 छात्रों की 12वीं की अंकताालिकाएं भी फर्जी थी। इसके बाद हरियाणा के मुख्य सचिव की ओर से मध्य भारत ग्वालियर की 12वीं की अंकतालिका को किसी भी पंजीकरण के लिए स्वीकार नहीं करने के निर्देश दिए थे। इस पर हरियाणा फार्मेसी काउंसिल ने इनके पंजीकरण रोक दिए थे।
हरियाणा फार्मेसी काउंसिल ने दिया एग्जिट परीक्षा कराने का विकल्प
हरियाणा फार्मेसी काउंसिल ने उन सभी छात्रों के लिए एग्जिट एग्जाम देने का विकल्प दिया है, जिन्होंने फार्मेसी में डिप्लोमा किया है। पंजीकरण के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की उसी डिप्लोमा पाठ्यक्रम की एग्जिट परीक्षा होगी। वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की इस परीक्षा को पास करने वाले का ही हरियाणा में पंजीकरण किया जाएगा, जो परीक्षा पास नहीं कर पाएगा, उसका आवेदन रद्द किया जाएगा।
हमारी कोशिश है कि पंजीकरण पात्र छात्रों का ही हो और फर्जी अभ्यर्थी इस प्रक्रिया से बाहर हों। काउंसिल लगातार सुधार और पारदर्शिता की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस बारे में काउंसिल के सदस्यों के साथ 27 अक्तूबर को मंथन होगा और 700 नए आवदेनों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। - धनेश अधलखा, चेयरमैन, हरियाणा फार्मेसी काउंसिल।