चंडीगढ़ में विजयदशमी धूमधाम से मनाई गई। त्योहार के मौके पर आरएसएस ने 12 स्थानों पर शस्त्र पूजन कार्यक्रम किए। आयोजनों पर कोरोना का असर साफ दिखा। इस बार बड़े स्तर के बजाय छोटे पर ही आरएसएस ने कार्यक्रम किए। अनुशासित ढंग से स्वयंसेवकों ने पूरे गणवेश में शाखा लगाई और शस्त्र पूजन की रस्म को निभाया।
शहर में दशहरा पर्व की धूम सुबह से ही देखने को मिली। जगह-जगह लोगों की ओर से आयोजन किए गए। दशहरे के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने शुक्रवार सुबह शहर में 12 स्थानों से पथ संचलन निकाले और शस्त्र पूजन किया। कोरोना के दिशा-निर्देशों को देखते हुए कार्यक्रम सीमित स्वयंसेवकों के साथ किया गया। इस बार बड़े स्तर पर पथ संचलन निकालने के बजाय नगर, बस्ती व शाखा स्तर पर निकालने का फैसला लिया गया था। शुक्रवार सुबह अलग-अलग स्थानों से स्वयंसेवक कदमताल करते हुए दिखे। जयघोष के साथ अनुशासित ढंग से स्वयंसेवकों ने पूरे गणवेश में शाखा लगाई और शस्त्र पूजन की रस्म को निभाया।
कोरोना के कारण आयोजन बड़े स्तर पर नहीं
दशहरे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्थापना दिवस है और प्रतिवर्ष संघ देशभर में विशाल पथ संचलन निकालता है। कोरोना से पहले चंडीगढ़ में इस दिन महानगर स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। जिसमें चंडीगढ़ के विभिन्न हिस्सों में स्वयंसेवक एक तय स्थान पर पहुंचते थे। वहां पर कई खेलों का आयोजन भी किया जाता था। शहर के अलग-अलग हिस्सों में पथ संचलन निकाले जाते थे, लेकिन कोरोना की वजह से इस बार इन आयोजनों को नगर स्तर पर आयोजित किया गया।