पंजाब के फिरोजपुर में हुसैनीवाला से गट्टी राजोके को जाने वाले पुल के पास सड़क करीब 25 फुट धंस गई। सड़क धंस जाने से पाकिस्तान सीमा पर बसे करीब 15 गांवों के लोगों का सड़क मार्ग से संपर्क टूट गया है। इन गांवों के रहने वाले हजारों लोगों को अब सिर्फ नाव का ही सहारा है।
हुसैनीवाला से गट्टीराजोके को जाने वाली यह सड़क सीमावर्ती गांवों की लाइफ लाइन है। ये गांव एक ओर पाकिस्तान और दो तरह से सतलुज नदी से घिरे हैं। इसी सड़क के माध्यम से ही इन गांवों के लोग जिला मुख्यालय फिरोजपुर आते-जाते थे।
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नीचे उतरने लगा पानी, सवा लाख क्यूसेक घटा
उधर, बाढ़ का खतरा कम होने लगा है। तेजी से नीचे बाढ़ का पानी उतर रहा है। गुरुवार की सुबह हरिके हेड से हुसैनीवाला हेड की ओर 90390 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह बुधवार की शाम से सवा लाख क्यूसिक पानी कम है। हालांकि, फिरोजपुर जिले के सरहदी हिस्सों में अब भी बाढ़ का पानी बड़ी मात्रा में भरा है। इसके बाद हुसैनीवाला हेड से पाकिस्तान की ओर 199872 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बाढ़ का पानी निकलने में अभी दो से तीन का समय लगने की बात कही जा रही है।
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फिरोजपुर जिला प्रशासन, पुलिस व बीएसएफ के अधिकारी 24 घंटे बाढ़ग्रस्त एरिया में पेट्रोलिंग कर हालात का जायजा ले रहे हैं। बाढ़ के दौरान जिस प्रकार की तत्परता से जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, बीएसएफ व सेना ने हालात को संभालने में दिखाई, वह निश्चित रूप से तारीफ के काबिल है।
बाढ़ के पानी में पशुओं का चारा पूरी तरह से नष्ट हो चुका है। लोगों के घरों में रखा खाने-पीने और अन्य सामान खराब हो गया है। बाढ़ का यह पानी फाजिल्का से निकलकर पाकिस्तान में प्रवेश करेगा। इसके बाद वहां तबाही मचना निश्चित है।