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Highcourt: 27 साल की सेवा देने वाली महिला नियमित होने की हकदार, HC की सलाह-तकनीकी अड़चन न लगाए पंजाब सरकार

Thu, 13 Jul 2023 04:08 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पुष्पा देवी ने बताया कि वह 1996 में पंजाब जल आपूर्ति विभाग में नियुक्त हुई थी। इसके बाद किसी विवाद के चलते उसकी सेवा समाप्त कर दी गई और उसने इसे लेबर कोर्ट में चुनौती दी थी। लेबर कोर्ट ने याची के हक में फैसला सुनाते हुए उसे 50 प्रतिशत वित्तीय लाभ के साथ सेवा में लेने का आदेश दिया था।
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विस्तार
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पंजाब के जल आपूर्ति विभाग में 27 साल की सेवा दे चुकी महिला को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नियमित होने का हकदार माना है। कोर्ट ने इस मामले में पंजाब सरकार को चार माह के भीतर निर्णय लेने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सरकार की उस दलील को भी खारिज कर दिया, जिसमें महिला के पास 120 दिन का कंप्यूटर कोर्स न होने की बात कही गई थी। कोर्ट ने इस मामले में तकनीकी अड़चन न डालने की सलाह दी।
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याचिका दाखिल करते हुए पुष्पा देवी ने बताया कि वह 1996 में पंजाब जल आपूर्ति विभाग में नियुक्त हुई थी। इसके बाद किसी विवाद के चलते उसकी सेवा समाप्त कर दी गई और उसने इसे लेबर कोर्ट में चुनौती दी थी। लेबर कोर्ट ने याची के हक में फैसला सुनाते हुए उसे 50 प्रतिशत वित्तीय लाभ के साथ सेवा में लेने का आदेश दिया था। इसके बाद पंजाब सरकार 2011 में नीति लेकर आई थी कि दिसंबर 2006 में जो कर्मचारी 10 वर्ष की सेवा पूरी करता होगा और शैक्षणिक योग्यता के मानकों पर खरा उतरेगा उसकी सेवा नियमित कर दी जाएगी। ऐसा करते हुए याची को इसका लाभ नहीं दिया गया और उसको निकालने से कोर्ट के आदेश के बाद दोबारा सेवा में लेने की अवधि को नहीं जोड़ा गया। ऐसे में याची को अपात्र करार दे दिया गया।
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सेवा अवधि नियुक्ति की तिथि से जोड़ी जानी चाहिए थी
हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि लेबर कोर्ट ने याची के हक में फैसला सुनाया था और ऐसे में उसकी सेवा की अवधि उसकी नियुक्ति की तिथि से जोड़ी जानी चाहिए थी। सरकार ने कहा कि याची के पास आवश्यक 120 दिन का कंप्यूटर कोर्स भी नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य को कल्याणकारी राज्य के तौर पर अपनी महिला कर्मचारी के लिए आगे आना चाहिए था और उसे नियमित करने के बाद भी ट्रेनिंग के लिए भेजा जा सकता था। अब कोर्ट ने याची को क्लर्क के तौर पर नियमित करने के दावे पर तीन माह में फैसला लेने का आदेश दिया है।
 
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