साथ ही यह उल्लेख है कि संविदा के इन पदों के लिए सिर्फ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ही रखा जाएगा। इसके लिए राज्य, केंद्र, पीएसयू तथा स्वायत्त निकाय से सेवानिवृत्त व्यक्ति ही आवेदन कर सकता है। बता दें कि युवाओं को दरकिनार कर बुजुर्गों पर मेहरबानी दिखाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले जेल विभाग की तरफ से भी ऐसा किया जा चुका है। इसमें यूटी प्रशासन की तरफ से जेल में 95 पदों पर भर्ती के लिए अक्तूबर 2021 में विज्ञापन निकाला गया था, जिसमें सेवानिवृत्त लोगों से आवेदन मांगे गए थे।
हम युवाओं के बारे में कौन सोचेगा
इस विज्ञापन से युवाओं में रोष है। उनका कहना है कि शैक्षिक योग्यता के बावजूद बहुत से युवा नौकरी के लिए खाक छान रहे हैं। हमें दरकिनार कर बुजुर्गों को नौकरी देने की बात अजीब लग रही है। हम उम्र की सीमा के विरोध में नहीं हैं लेकिन युवा देश का नागरिक होने के नाते हमारी प्राथमिकता में युवा सबसे पहले होने चाहिए। शिवम शर्मा, एमटेक के छात्र
बुजुर्गों के लिए भर्ती निकालकर युवाओं का तनाव और बढ़ाने का काम किया जा रहा है। मैं बुजुर्गों के नौकरी करने के विरोध में कत्तई नहीं हूं लेकिन ऐसा करके युवाओं को खुद को साबित करने से पहले ही अयोग्य घोषित करने का काम किया जा रहा है। - तेगिंदर सिंह, छात्र, विधि
ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने चाहिए, क्योंकि नौकरी न मिलने से उनका तनाव बढ़ता जा रहा है। जहां तक बुजुर्गों की बात है तो सेवानिवृत्ति के बाद हमें समाज की बेहतरी और व्यवस्था में सहायता के उद्देश्य से कार्य करना चाहिए। - डॉ. आरके गुप्ता, पूर्व निदेशक स्वास्थ्य पंजाब