शिकायतकर्ता के फीडबैक के मिलेंगे 10 अंक
आकलन प्रपत्र को तैयार करते समय शिकायतकर्ता की संतुष्टि को सर्वोपरि रखा गया है। पुलिस विभाग की ओर से थाना, चौकी आदि में दर्ज शिकायतों पर की गई कार्यवाही को लेकर शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लिया जा रहा है। अगर पुलिस थाने में 80 प्रतिशत से अधिक शिकायतकर्ताओं की ओर से संतुष्टि जताई जाती है तो संबंधित थाना, चौकी और पुलिसकर्मी को 10 नंबर मिलेंगे। इसी प्रकार, प्रपत्र में नशा मुक्ति अभियान को लेकर उल्लेखनीय कार्य करने वाले थानाध्यक्षों, चौकी प्रभारियों व अन्य पुलिसकर्मियों को अलग से 10 नंबर देने का प्रावधान किया गया है।
सभी श्रेणी के अधिकारियों के लिए अलग-अलग कार्ड
सात अलग-अलग प्रपत्र तैयार किए गए हैं, जिसमें संबंधित के कार्य लिखे गए हैं। प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी को उनके कार्यों के अनुरूप अलग-2 श्रेणियों में विभाजित करते हुए प्रपत्र निर्धारित किए हैं। एएसपी, डीएसपी और एसीपी को एक श्रेणी में रखते हुए प्रपत्र तैयार किया है। इसी प्रकार एसएचओ और पुलिस पोस्ट इंचार्ज को अन्य श्रेणी में, तीसरी श्रेणी में क्राइम यूनिट इंचार्ज, चौथी श्रेणी में हेड कांस्टेबल से लेकर पुलिस थाने और चौकी में नियुक्त के जांच अधिकारियों को रखा है। क्राइम यूनिट में तैनात पुलिसकर्मियों और अन्य इंचार्ज की अलग से श्रेणी बनाते हुए प्रपत्र तैयार किए हैं। ग्राम प्रहरियों को कार्यों के अनुरूप अलग श्रेणी में रखा गया है।
इस प्रपत्र के तैयार होने से सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को उनके कार्य को लेकर स्पष्टता होगी। इससे सभी पुलिस अधिकारी अथवा कर्मचारी एक टीम के रूप में कार्य करते हुए बेहतर परिणाम लाने की दिशा में प्रयास करेंगे। इस आकलन प्रपत्र के परिणामों के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। - शत्रुजीत कपूर, डीजीपी, हरियाणा।