दादा व पिता दुश्मनों से लड़ते हुए शहीद हुए तो तीसरी पीढ़ी के युवा ने इसरो में वैज्ञानिक (ग्रेड-एक) बनकर दादा और पिता के सपनों को पूरा करने की राह पर निकल पड़ी है। बुधवार को इसरो द्वारा घोषित परीक्षा परिणाम में हरियाणा में भिवानी जिले के गांव गोकलपुरा निवासी विक्रम श्योराण ने सफलता हासिल की है। विक्रम की सफलता पर गोकलपुरा गांव के अलावा बहल क्षेत्र में खुशी की लहर है।
विक्रम ने अपनी आरंभिक शिक्षा बहल के बीआरसीएम पब्लिक स्कूल से पास की थी। वर्ष 2008 में बीआरसीएम ज्ञानकुंज से विक्रम ने 10वीं करने के बाद बिरला सीनियर सेकेंडरी स्कूल से वर्ष 2010 में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। विक्रम ने बीटेक दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से वर्ष 2015 में मेकेनिकल ब्रांच से पास की।
इसरो का वैज्ञानिक बनना ही था लक्ष्य
विक्रम ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि उसका शुरू से ही इसरो में वैज्ञानिक बनने का लक्ष्य था जो अब पूरा हो गया है। हालांकि उसने इसरो के अलावा यूपीएससी, डीआरडीओ तथा बार्क के लिए परीक्षा पास की हुई है तथा इसके लिए साक्षात्कार दिया हुआ है जिसका अभी रिजल्ट आना बाकी है। लेकिन अब वह इसरो ही ज्वाइन करेगा।