प्रकाश कमेटी की रिपोर्ट में अपना नाम आने से सांसद राजकुमार सैनी न केवल हैरान हैं बल्कि उन्होंने कमेटी पर ही सवाल उठा दिए हैं। उन्होंने कमेटी पर एक जाति विशेष से प्रभावित होने के आरोप लगाए तो यह भी कहा कि उनकी ओर से किसी के खिलाफ और दंगे भड़काने वाला एक भी शब्द साबित होने पर वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे।
सैनी ने कहा कि प्रकाश कमेटी की रिपोर्ट में उन पर दंगे भड़काने के आरोप लगे हैं, लेकिन ये आरोप सरासर गलत और बेबुनियाद हैं। उन्होंने पिछले एक वर्ष के दौरान एक भी शब्द ऐसा नहीं बोला है, जिससे किसी समाज के किसी भी व्यक्ति की भावना को ठेस पहुंची हो। दंगे भड़काना तो बहुत दूर की बात है। हालांकि उनकी बातों को एक जाति विशेष के लोगों ने तोड़-मरोड़ कर प्रदेश सरकार से लेकर प्रधानमंत्री तक पेश किया, लेकिन सच्चाई का सामना करने के लिए वह हर समय तैयार हैं।
सांसद ने कहा कि कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में उनका नाम लिया है, लेकिन एक बार भी उनसे पूछताछ और संपर्क करने तक का भी प्रयास नहीं किया गया। कमेटी को सिर्फ वही दिखाई दिए जबकि एक जाति विशेष की अगुवाई कर रहे अनेक लोग खुले तौर पर भड़काऊ भाषण व बयानबाजी करते रहे। उनके खिलाफ कई-कई बार अदालतों से गिरफ्तारी वारंट भी जारी हुए। इन लोगों को न प्रकाश कमेटी ने प्रमुखता से लिया और न ही ये लोग पुलिस को दिखाई दे रहे हैं।
कमेटी पर जाति विशेष का दबाव इसलिए भी दिखाई पड़ रहा है कि राज्य से लेकर केंद्र सरकार में मंत्री व दूसरे नेता, जिन्होंने खुले तौर पर आपत्तिजनक बयान दिए हैं, उनके नाम तक का कमेटी ने जिक्र नहीं किया है। उन्होंने कहा कि वह कमेटी का भरपूर सम्मान करते हैं, लेकिन रिपोर्ट किस प्रकार से तैयार की गई और उनका नाम कैसे शामिल किया गया, इसको लेकर वह हैरान हैं।