पठानकोट-जम्मूतवी रेल सेक्शन ठप
किसान आंदोलन के चलते मंगलवार को दूसरे दिन भी पठानकोट-जम्मूतवी रेल सेक्शन पर ट्रेनों का आवागन पूरी तरह से ठप रहा। रेलवे को देश के कई राज्यों से जम्मूतवी और कटड़ा जाने वाली सभी 36 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। ट्रेनें रद्द होने के कारण पठानकोट सहित देश के कई राज्यों को जाने वाले यात्रियों और खासकर माता वैष्णो देवी के दर्शन को आए श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
ट्रेन शुरू होने के इंतजार में शहर के कैंट स्टेशन पर फंसे यात्रियों को विश्राम गृह अथवा प्लेटफार्म पर रहकर रात बितानी पड़ी। ट्रेनें रद्द होने के कारण सिटी व कैंट रेलवे स्टेशन से 429 यात्रियों को 1.92 लाख रुपये रिफंड किया गया। पठानकोट-अमृतसर और पठानकोट-जोगिंदरनगर रेल सेक्शन पर सभी रेलगाड़ियां अपने र्निधारित समय पर रवाना हुईं।
जम्मू-कश्मीर जाने वाली बसों में भारी भीड़
लंबी दूरी की ट्रेनें रद्द होने के कारण बसों में यात्रियों की संख्या दोगुनी हो गई। पठानकोट में फंसे यात्री यहां से लुधियाना तक बसें पकड़कर गंतव्य की और जा रहे हैं, वहीं देश के विभिन्न राज्यों से माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आए श्रद्धालु जम्मू तक बसों में जाने को मजबूर हैं। मंगलवार को बस स्टैंड पर जम्मू और लुधियाना की बसें काउंटर पर लगने से पहले ही पूरी तरह से भर गईं। बसों में सीट पाने को लेकर मारामारी की स्थिति बनी रही।
यात्री हुए परेशान
पठानकोट से उज्जैन जाने वाले अमन कुमार, संजय सेठ ने बताया कि वह माता वैष्णो देवी के दर्शन कर सोमवार दोपहर पठानकोट कैंट पहुंचे। उनकी मालवा सुपरफास्ट में बुकिंग थी लेकिन ट्रेन रद्द हो गई। उन्होंने कहा कि अब बस वाले प्रत्येक यात्री 1500 रुपये मांग रहे हैं। उनके पास इतने पैसे है नहीं जिस कारण उनके पास ट्रेन सुविधा शुरू होने के सिवाय कोई विकल्प नहीं है। माता वैष्णो देवी के दर्शन कर परिवार समेत वापस अपने घर ग्वालियर जाने वाले विवेक कुमार वरतन जैन ने बताया कि सोमवार को मालवा सुपरफास्ट से सुबह 12.10 बजे पहुंच गए। जहां ट्रेन को रोक दिया और शाम को वापस कटड़ा भेज दिया गया। कहा कि वह रात भर ट्रेन शुरू होने का इंतजार करते रहे परंतु रेल सेवा बहाल नहीं हो पाई। ठंड के मौसम में उन्हें रात गुजारना मुश्किल हो गया लिहाजा, रात को उन्हें रेलवे के वेटिंग हाल में ही रात बितानी पड़ी।