स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव एसके सेतिया ने शनिवार को डिस्पेंसरियों में छापे मारे।
किसी डिस्पेंसरी में डाक्टर गायब मिले तो कहीं टेक्नीशियन और एंबुलेंस का ड्राइवर। कुछ जगह डाक्टर समय पर नहीं पहुंचे थे तो कहीं मशीन खराब पड़ी थी।
सेतिया की ओर से लापरवाह डाक्टरों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस थमा कर जवाब मांगा गया है। हालांकि कई डाक्टरों ने डिस्पेंसरी से गैरहाजिर रहने पर अपने-अपने कारण बताए, लेकिन साहब संतुष्ट नहीं दिखे।
डाक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। करीब डेढ़ महीने पहले भी जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 में छापेमारी की गई थी। उस दौरान भी कई लोग गैरहाजिर मिले थे।
बताया जा रहा है कि चंडीगढ़ के डिस्पेंसरियों की खामियों की सूचनाएं काफी दिन से अधिकारियों को मिल रही थी। लोगों ने ही सूचना दी थी कि कई डिस्पेंसरी में डाक्टर पूरे दिन गायब रहते हैं।
इससे इलाके के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूचनाओं के आधार पर शनिवार सवेरे एसके सेतिया ने सभी डिस्पेंसरियों में एक-एक कर छापा मारना शुरू किया।
छापेमारी के दौरान पता चला कि धनास, कैंबवाला, मौलीजागरां, सेक्टर 22 की डिस्पेंसरी में कई खामियां मिली। धनास, कैंबवाला, मौलीजागरा और हल्लोमाजरा से डाक्टर गायब मिले।
इनमें अधिकतर लेडी डाक्टर थीं। इसके अलावा सेक्टर-22 से टेक्नीशियन और ड्राइवर गायब थे। मनीमाजरा के हास्पिटल में अल्ट्रासाउंड की मशीन खराब मिली।
मशीन खराब होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। यहां पर लोगों ने शिकायत भी की कि अक्सर डाक्टर आते नहीं। यदि आते तो समय पर नहीं आते।
कोई भी उनसे पूछने वाला नहीं है। लापरवाह डाक्टरों व कर्मचारियों को शोकाज नोटिस जारी कर दिया गया है। सभी से जल्द से जल्द नोटिस का जवाब देने को कहा गया है।