पुलवामा में हुए हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है
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देश की सुरक्षा एजेंसियों को गाय और छात्राओं का पीछा छोड़कर आतंकवादियों का पीछा करना चाहिए। सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवाद के बारे में स्पष्ट इनपुट नहीं मिल पा रहे हैं। दफ्तरों में बैठकर एक लेटर लिख देना कि आतंकवादी हमला हो सकता है यह नाकाफी है। इसका कोई फायदा नहीं है।
सुरक्षा एजेंसियों की इंटेलीजेंस टीम के पास हर इनपुट होना चाहिए कि कौन सा आतंकवादी किस हमले की योजना बना रहा हैं। पुलवामा में आतंकियों ने करीब 300 किलोग्राम विस्फोटक का इस्तेमाल किया, यह विस्फोटक कब और कैसे वहां पर पहुंचा। इस पर सुरक्षा एजेंसियों को ध्यान देना चाहिए। सुरक्षा एजेंसियों को अपना ध्यान आतंकियों पर फोकस करना चाहिए और पाकिस्तान को इसका सबक सिखाना चाहिए।
- शशिकांत, पूर्व डीजीपी, पंजाब
आतंकवाद का सफाया करना जरूर हैं और सुरक्षाबलों का मनोबल किसी भी सूरत में नहीं गिरना चाहिए। इसके लिए भारत सरकार को आतंकवाद के सफाए के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए और पाकिस्तान को भी इसका जवाब देना चाहिए।
-राजन गुप्ता, पूर्व डीजीपी
पुलवामा हमला : मंत्री बलबीर सिद्धू ने लाहौर दौरा रद्द किया
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले के बाद पंजाब के पशुपालन एवं श्रम मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने लाहौर में होने वाली इंटरनेशनल बुफैलो कांग्रेस के लिए अपना पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया है। इस संबंध में बलबीर सिद्धू ने बताया कि यूनिवर्सिटी ऑफ एनिमल एंड वेटरेनरी साइंस लाहौर द्वारा इंटरनेशनल बुफैलो कांग्रेस 18 से 20 फरवरी तक करवाई जा रही है।
इसमें विभिन्न देशों के नुमाइंदे हिस्सा लेने के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस समारोह में हिस्सा लेने के लिए वह राज्य के प्रगतिशील किसानों के साथ विशेष तौर पर जाने वाले थे, लेकिन पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मुहम्मद द्वारा पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर किये हमले में 40 जवानों के शहीद होने के बाद उन्होंने यह दौरा रद्द करने का फैसला किया है।
उन्होंने पुलवामा हमले की सख्त शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि अमन-शांति के विरोधी तत्वों ने देश की एकता और अखंडता को चोट करने के लिए इस घटना को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जिसकी एकता और सद्भावना की ताकत के आगे यह संगठन अपने नापाक मंसूबों को हासिल करने में कभी सफल नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि पूरा देश शहीद परिवारों के साथ कंधे से कंधा जोड़कर खड़ा है।