वहीं, भाजपा ने केंद्र के इस फैसले का बचाव किया है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा देश के 10 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में सीमा सुरक्षा बलों के समाविष्ट क्षेत्र में परिवर्तन करने के मुद्दे पर भाजपा के प्रदेश महामंत्री डॉ. सुभाष शर्मा ने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ जुड़ा हुआ मुद्दा है जिस पर किसी प्रकार की राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस और अकाली दल के नेताओं द्वारा इस मुद्दे पर विरोध जताने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इन दोनों को राष्ट्रीय सुरक्षा से ज्यादा अपने दलों की सुरक्षा की चिंता है।
केंद्र से फैसले पर पुनर्विचार का आग्रह करेगी पंजाब सरकार
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सीमावर्ती राज्यों में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकार क्षेत्र का दायरा बढ़ाकर 50 किलोमीटर करने के फैसले को पंजाब सरकार ने राज्यों के अधिकार क्षेत्र में केंद्र की दखलंदाजी करार दिया है। प्रदेश के राजनीतिक दलों ने इस फैसले को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं वहीं राज्य सरकार ने फैसला किया है कि वह इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से बात करेगी और फैसला वापस लेने का आग्रह किया जाएगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार सीमावर्ती क्षेत्र में सीमापार की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए ठोस प्रयास कर रही है और सरकार का मानना है कि केंद्र सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए, क्योंकि बीएसएफ की सीधी कार्यवाही से आम लोगों में रोष पनप सकता है।