पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद पंजाब सरकार बैकफुट पर आ गई है। पंजाब सरकार ने गुरुवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जानकारी दी कि सात जून को 400 से अधिक लोगों की सुरक्षा बहाल कर दी जाएगी। इसके साथ सुरक्षा में कटौती के लिए बनाए गए आधार को लेकर एक सीलबंद रिपोर्ट पेश की। पंजाब सरकार ने कहा कि दो दिन जवाब दाखिल करने के लिए बेहद कम हैं, ऐसे में उन्हें और समय दिया जाए।
इसके बाद हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी। पंजाब सरकार ने बीते शुक्रवार को एक फैसले के बाद राज्य के 424 लोगों की सुरक्षा में कटौती की थी। कांग्रेस से पूर्व विधायक ओपी सोनी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए उनकी सुरक्षा वापस लेने के आदेश को चुनौती दी थी। पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में बताया कि सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर सुरक्षा में कटौती का निर्णय लिया गया था। इससे जुड़े दस्तावेज सीलबंद रिपोर्ट के रूप में पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में सौंपे। हाईकोर्ट को बताया गया कि सुरक्षा में कटौती का फैसला अस्थाई था। 7 जून को जिन लोगों की सुरक्षा में कटौती की गई है, उन्हें दोबारा सुरक्षा दे दी जाएगी।
गुरुवार को ओपी सोनी के साथ ही कई अन्य वीआईपी की सुरक्षा में कटौती के मामले की भी सुनवाई साथ हो रही थी। इस दौरान कुछ वीआईपी द्वारा कहा गया कि उनकी जान को खतरा है और ऐसे में तत्काल उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। हाईकोर्ट ने इस पर सख्त रवैया अपनाते हुए कहा कि यदि इतनी ही जल्दी सुरक्षा चाहिए तो इसके लिए भुगतान करें और पंजाब सरकार सुरक्षा मुहैया करवा देगी। इसके बाद वीआईपी लोगों को बिना कोई राहत दिए हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी।
सुरक्षा पर खर्च मोटा, सुरक्षा चाहिए तो खर्च खुद उठाएं
सुरक्षा की मांग को लेकर पूर्व विधायक बलबीर सिंह सिद्धू, गुरचरण सिंह बोपाराय, सुखविंदर सिंह, कृष्ण कुमार, देश राज दुग्गा ने भी याचिका दाखिल की हैं। इनसे पहले परमिंदर सिंह पिंकी और कुल सिंह जीरा याचिकाएं दायर कर चुके हैं। पंजाब सरकार ने कहा कि अगर किसी को अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत है तो वह अपने खर्च पर सुरक्षाकर्मी ले सकता है। एक सुरक्षाकर्मी पर 67 हजार रुपये खर्च आता है, यह खर्च उठाएं और अतिरिक्त सुरक्षा ले सकते हैं। साथ ही यह भी बताया कि 6 जून को घल्लूघारा दिवस के चलते यह सुरक्षा वापस ली गई थी, जहां तक इस सूची के सार्वजनिक होने का मामला है उसकी जांच की जा रही है।पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद पंजाब सरकार बैकफुट पर आ गई है। पंजाब सरकार ने गुरुवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जानकारी दी कि सात जून को 424 लोगों की सुरक्षा बहाल कर दी जाएगी। इसके साथ सुरक्षा में कटौती के लिए बनाए गए आधार को लेकर एक सीलबंद रिपोर्ट पेश की।